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महाराष्ट्र में गरबा उत्सव को लेकर VHP की गाइडलाइंस, एंट्री से पहले तिलक और आधार कार्ड जांच की बात

 

महाराष्ट्र में नवरात्रि के दौरान होने वाले गरबा उत्सव को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) की महाराष्ट्र इकाई ने कुछ गाइडलाइंस जारी की हैं। संगठन की ओर से गरबा आयोजकों से कार्यक्रमों में आने वाले लोगों की पहचान सुनिश्चित करने और प्रवेश व्यवस्था को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। इन दिशा-निर्देशों में एंट्री से पहले तिलक लगाने और आधार कार्ड की जांच जैसी बातें शामिल हैं।

गरबा में एंट्री को लेकर जारी की गई गाइडलाइंस

विश्व हिंदू परिषद की महाराष्ट्र इकाई ने गरबा आयोजकों के लिए कई दिशा-निर्देश बताए हैं। इनमें कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों की पहचान की जांच करने की बात कही गई है। इसके लिए प्रवेश द्वार पर आधार कार्ड चेक करने का सुझाव दिया गया है।संगठन का कहना है कि गरबा उत्सव हिंदू धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा आयोजन है। ऐसे में आयोजकों को कार्यक्रम की धार्मिक प्रकृति और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रवेश प्रक्रिया तय करनी चाहिए।

एंट्री पर तिलक लगाने की भी बात

VHP की गाइडलाइंस में गरबा में आने वाले लोगों के माथे पर तिलक लगाने का भी उल्लेख किया गया है। संगठन की ओर से इसे आयोजन में शामिल होने वाले लोगों की धार्मिक पहचान और परंपरा से जोड़कर देखा जा रहा है।इसके अलावा आयोजकों से प्रवेश व्यवस्था को व्यवस्थित रखने और कार्यक्रम में आने वाले लोगों की पहचान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।

मुस्लिमों की एंट्री पर रोक की बात

इन गाइडलाइंस को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा मुस्लिम समुदाय के लोगों की एंट्री पर कथित रोक को लेकर है। संगठन की ओर से गरबा आयोजनों में मुस्लिमों के प्रवेश को लेकर प्रतिबंध की बात कही गई है। हालांकि, अलग-अलग आयोजनों में इन दिशा-निर्देशों को किस तरह लागू किया जाएगा, यह संबंधित आयोजकों की व्यवस्था पर निर्भर करेगा।इस मुद्दे ने गरबा आयोजन, धार्मिक पहचान और सार्वजनिक कार्यक्रमों में प्रवेश को लेकर बहस को भी तेज कर दिया है।

नवरात्रि से पहले गरबा आयोजनों की तैयारी

महाराष्ट्र में नवरात्रि के दौरान बड़े स्तर पर गरबा और डांडिया कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। ऐसे में आयोजकों की ओर से सुरक्षा और प्रवेश व्यवस्था को लेकर तैयारियां की जाती हैं।VHP की महाराष्ट्र इकाई की इन गाइडलाइंस के बाद अब गरबा आयोजनों में पहचान जांच और प्रवेश नियमों को लेकर चर्चा बढ़ गई है। आयोजकों के सामने धार्मिक परंपराओं के साथ-साथ सभी व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने की चुनौती भी रहेगी।