CJP के प्रदर्शन को उद्धव ठाकरे का समर्थन, अभिजीत दीपके ने तिरंगा लेकर शिवाजी पार्क पहुंचने की अपील की
मुंबई के शिवाजी पार्क में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP की ओर से आयोजित विरोध प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक समर्थन भी सामने आया। अभिजीत दीपके ने लोगों से अपील की थी कि वे शुक्रवार को शिवाजी पार्क में होने वाले प्रदर्शन में केवल तिरंगा लेकर पहुंचें। वहीं शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी अपनी पार्टी की ओर से इस प्रदर्शन को समर्थन देने की बात कही थी।
प्रदर्शन को लेकर आयोजकों की ओर से लोगों से बड़ी संख्या में शिवाजी पार्क पहुंचने की अपील की गई थी। अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक अपील के जरिए लोगों से कहा कि प्रदर्शन में किसी राजनीतिक दल का झंडा नहीं लाया जाए, बल्कि केवल तिरंगा लेकर लोग इसमें शामिल हों। इस अपील के पीछे प्रदर्शन को राजनीतिक दलों के बजाय एक व्यापक नागरिक मुद्दे के तौर पर पेश करने की कोशिश बताई गई।
CJP की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जा रही है। संगठन ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। प्रदर्शन के दौरान इन्हीं मुद्दों को लेकर लोगों से अपनी आवाज उठाने की अपील की गई।
इस बीच उद्धव ठाकरे की पार्टी की ओर से प्रदर्शन को समर्थन दिए जाने से इसका राजनीतिक महत्व भी बढ़ गया। उद्धव ठाकरे ने प्रदर्शन के मुद्दों के समर्थन में अपनी पार्टी की भूमिका स्पष्ट की। हालांकि, प्रदर्शन में केवल तिरंगा लेकर आने की अपील के कारण आयोजकों ने इसे किसी एक राजनीतिक दल के कार्यक्रम के बजाय व्यापक विरोध के रूप में प्रस्तुत करने पर जोर दिया।
शिवाजी पार्क में होने वाले इस प्रदर्शन को लेकर पहले से ही प्रशासन और आयोजकों के बीच मतभेद की स्थिति थी। पुलिस की ओर से कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं दिए जाने की बात सामने आई थी। इसके बावजूद प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की सूचना सामने आई।
प्रदर्शनकारियों के हाथों में तिरंगा नजर आने और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर नारेबाजी के बीच मुंबई में राजनीतिक माहौल भी गरमा गया। CJP की मांगों को लेकर समर्थकों ने अपनी बात रखी, जबकि पुलिस की ओर से बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित किए जाने को लेकर कानूनी कार्रवाई की गई।
इस पूरे घटनाक्रम ने महाराष्ट्र की राजनीति में चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। एक तरफ CJP मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रही है, वहीं उद्धव ठाकरे के समर्थन से इस मुद्दे को विपक्षी राजनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।