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मराठवाड़ा के सूखे पर उद्धव ठाकरे का सरकार पर हमला, बोले- विज्ञापन देखकर लगता है सब ठीक है

 

महाराष्ट्र के मराठवाड़ा में सूखे और बारिश की कमी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकारी विज्ञापनों और होर्डिंग्स को देखकर ऐसा लगता है जैसे मराठवाड़ा में कोई समस्या ही नहीं है। उन्होंने दावा किया कि विज्ञापनों में खुशहाली की तस्वीर दिखाई जा रही है, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति अलग है।

उद्धव ठाकरे ने छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित पार्टी के कार्यक्रम के दौरान मराठवाड़ा के किसानों और सूखे की स्थिति का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से किसानों को तत्काल राहत देने की मांग की। ठाकरे ने कहा कि विज्ञापनों पर खर्च किए जा रहे पैसे का इस्तेमाल क्षेत्र के विकास और राहत कार्यों में किया जाना चाहिए।

बारिश की कमी से फसलों पर असर

ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, मराठवाड़ा के कई हिस्सों में बारिश की कमी और लंबे समय तक बारिश के अंतराल के कारण खरीफ फसलों पर असर पड़ा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, संभाजीनगर को छोड़कर क्षेत्र के अन्य जिलों में सूखे से जुड़े शुरुआती मानदंड लागू होने की स्थिति बताई गई है।

इसी मुद्दे को लेकर उद्धव ठाकरे ने सरकार की तैयारियों और राहत प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने किसान आत्महत्याओं का मुद्दा भी उठाया और पूरे मामले की जांच की मांग की। उनके ये आरोप और मांगें राजनीतिक बयान के तौर पर सामने आई हैं।

5 अक्टूबर से पंचनामे पर भी सवाल

उद्धव ठाकरे ने सूखे से प्रभावित किसानों के नुकसान का आकलन करने के लिए 5 अक्टूबर के बाद पंचनामे शुरू करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि किसानों को राहत के लिए लंबा इंतजार नहीं करना चाहिए।

वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि सरकार किसानों को राहत देने के लिए एनडीआरएफ की सहायता का इंतजार नहीं करेगी। सरकार ने नुकसान के आकलन की तैयारी शुरू करने और प्रभावित किसानों को तत्काल सहायता देने की बात कही है। चारा और पानी की संभावित कमी से निपटने के लिए भी कदम उठाने की बात सामने आई है।

सरकार का मराठवाड़ा को लेकर अलग रुख

मुख्यमंत्री फडणवीस ने मराठवाड़ा को स्थायी रूप से सूखा प्रभावित स्थिति से बाहर निकालने के लिए दीर्घकालीन जल परियोजनाओं की भी बात कही है। सरकार की ओर से क्षेत्र में पानी की उपलब्धता बढ़ाने और किसानों को राहत देने के उपायों पर जोर दिया जा रहा है।

इस तरह मराठवाड़ा की बारिश, फसल नुकसान और किसानों को राहत देने का मुद्दा फिलहाल महाराष्ट्र की राजनीति में प्रमुख विषय बना हुआ है। एक ओर उद्धव ठाकरे सरकार से तत्काल राहत और सूखे पर स्पष्ट कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं सरकार की ओर से नुकसान का आकलन और राहत उपाय शुरू करने की बात कही गई है।