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तुकाराम मुंढे के FDA चीफ बनने के 100 दिन पूरे, 904 छापे और 457 गिरफ्तारियां

 

महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के प्रमुख के तौर पर आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे के 100 दिन पूरे हो गए हैं। अपने सख्त रवैये और ताबड़तोड़ कार्रवाई के लिए पहचाने जाने वाले मुंढे ने इस दौरान खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर बड़े स्तर पर कार्रवाई की है। इन 100 दिनों में एफडीए की टीम ने राज्यभर में कई प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। बड़े ब्रांड और नामी संस्थान भी कार्रवाई के दायरे में आए। विभाग की ओर से खाद्य पदार्थों में मिलावट, गलत लेबलिंग और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया गया।

904 जगहों पर छापेमारी, 457 गिरफ्तारियां

तुकाराम मुंढे के कार्यकाल के शुरुआती 100 दिनों में एफडीए ने महाराष्ट्र में 904 स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले मामलों में 457 लोगों की गिरफ्तारी की गई। वहीं करीब 34.7 करोड़ रुपये कीमत के खाद्य पदार्थ जब्त किए गए।एफडीए की कार्रवाई का फोकस मिलावटी खाद्य पदार्थ, नकली उत्पाद और स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक सामानों पर रहा। विभाग ने कई जगहों पर लाइसेंस और स्वच्छता मानकों की जांच भी की।

बड़े प्रतिष्ठान भी नहीं बचे कार्रवाई से

मुंढे के नेतृत्व में एफडीए की कार्रवाई केवल छोटे दुकानदारों तक सीमित नहीं रही। बड़े आउटलेट्स और प्रतिष्ठानों में भी जांच की गई। कई जगहों पर खाद्य सुरक्षा नियमों में कमियां मिलने पर नोटिस और अन्य कार्रवाई की गई।विभाग ने साफ संदेश दिया कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चाहे प्रतिष्ठान छोटा हो या बड़ा, सभी के लिए नियम समान रहेंगे।

दवा कंपनियों पर भी कसा शिकंजा

एफडीए ने खाद्य पदार्थों के साथ-साथ दवा क्षेत्र में भी कार्रवाई की। रिपोर्ट्स के अनुसार, दवा निर्माण और बिक्री से जुड़ी कई कंपनियों के खिलाफ जांच और कार्रवाई की गई।अवैध दवाओं और नियमों के उल्लंघन को लेकर भी विभाग ने सख्ती दिखाई। इसका उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना बताया गया।

मुंढे बोले- मकसद लोकप्रियता नहीं, जिम्मेदारी निभाना

तुकाराम मुंढे ने अपनी कार्रवाई को लेकर कहा है कि उनका उद्देश्य सुर्खियां बटोरना नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा करना है। उन्होंने कहा कि एफडीए का काम लोगों को सुरक्षित खाद्य और दवा उपलब्ध कराना है।उनकी कार्यशैली को लेकर जहां कई लोग सराहना कर रहे हैं, वहीं कुछ मामलों में एफडीए की कार्रवाई प्रक्रिया को लेकर सवाल भी उठे हैं। मुंबई हाईकोर्ट में कुछ कार्रवाइयों पर चर्चा हुई, जिसके बाद मुंढे ने कहा कि विभाग कानून के अनुसार काम कर रहा है और जरूरत पड़ने पर प्रक्रियाओं में सुधार किया जाएगा।100 दिनों के इस रिपोर्ट कार्ड के बाद तुकाराम मुंढे की सख्त प्रशासनिक छवि एक बार फिर चर्चा में है। आने वाले दिनों में एफडीए की कार्रवाई और तेज होने के संकेत दिए जा रहे हैं।