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IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत की जांच क्राइम ब्रांच ने संभाली, प्रोफेसर से भी हो सकती है पूछताछ

 

आईआईटी बॉम्बे के 22 वर्षीय छात्र साहिल रवींद्र वाकोडे की आत्महत्या के मामले की जांच अब मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने अपने हाथ में ले ली है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले में आरोपी बनाए गए संस्थान के एक प्रोफेसर और अन्य संबंधित लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। जांच सहायक पुलिस आयुक्त (खुफिया) के नेतृत्व में की जाएगी।

साहिल की मौत के बाद इस मामले ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिवार और अन्य पक्षों की ओर से संस्थान के एक प्रोफेसर पर जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने इन आरोपों के आधार पर प्रोफेसर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अब अपराध शाखा मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी।

प्रोफेसर पर जातिगत भेदभाव का आरोप

पुलिस के अनुसार, मामले में आरोपी बनाए गए प्रोफेसर पर छात्र के साथ कथित तौर पर जातिगत भेदभाव करने का आरोप है। पुलिस ने प्रोफेसर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

अपराध शाखा अब यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि छात्र की मौत से पहले उसके साथ संस्थान में क्या परिस्थितियां थीं। जांच के दौरान छात्र से जुड़े शैक्षणिक रिकॉर्ड, संस्थान में उसकी गतिविधियों और संबंधित लोगों के बयानों को भी देखा जा सकता है।

प्रोफेसर और अन्य लोगों से पूछताछ की तैयारी

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले में आरोपी प्रोफेसर समेत अन्य संबंधित लोगों को पूछताछ के लिए तलब किया जा सकता है। पूछताछ के जरिए पुलिस यह समझने की कोशिश करेगी कि छात्र के साथ कथित भेदभाव को लेकर क्या शिकायतें सामने आई थीं और घटना से पहले उसकी स्थिति कैसी थी।

अपराध शाखा की जांच सहायक पुलिस आयुक्त (खुफिया) के नेतृत्व में की जाएगी। जांच अधिकारी मामले से जुड़े दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों को एकत्र कर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास करेंगे।

जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर

साहिल रवींद्र वाकोडे की मौत के मामले में पुलिस अब विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। जातिगत भेदभाव के आरोपों के साथ-साथ छात्र की मौत से पहले की परिस्थितियों को भी जांच के दायरे में रखा जाएगा।

फिलहाल पुलिस की ओर से आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ दर्ज मामले और छात्र की मौत के बीच संबंधों की जांच की जा रही है। अपराध शाखा की पूछताछ और जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में किन परिस्थितियों की भूमिका रही। पुलिस द्वारा जुटाए जा रहे साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।