बकरीद पर कुर्बानी के बाद मोसम नदी का पानी हुआ लाल, मालेगांव में तनाव; पुलिस बल तैनात
महाराष्ट्र के मालेगांव इलाके में बकरी ईद के बाद मोसम नदी में खून से सना पानी बहने की खबरों के बाद तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। स्थानीय निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि धार्मिक कुर्बानियों के बाद जानवरों का खून और अन्य कचरा नदी में फेंक दिया गया, जिसके कारण पानी लाल हो गया। इस घटना के बाद प्रशासन और पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
हर साल बकरी ईद के दौरान मोसम नदी में खून से सना पानी बहने की शिकायतें मिलती रही हैं। इस बार भी प्रशासन ने पहले ही साफ निर्देश जारी किए थे कि कुर्बानी के अवशेष और खून नदी या सार्वजनिक जगहों पर न फेंका जाए; हालांकि, आरोप है कि इन आदेशों का पालन नहीं किया गया।
**इलाके में पुलिस बल तैनात**
हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए, इलाके में पुलिस अधिकारियों और जवानों की एक बड़ी टुकड़ी तैनात की गई है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस लगातार इलाके में गश्त कर रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
**अवैध कटान के आरोपों के बीच विवाद गहराया**
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जानवरों के अवैध कटान ने मोसम नदी में खून से सने पानी के बहाव की समस्या को और बढ़ा दिया है। इसके विरोध में कई सामाजिक संगठनों ने अपना गुस्सा जाहिर किया है और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि इस स्थिति के लिए जिम्मेदार मालेगांव नगर आयुक्त, उपायुक्त और अन्य अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। उनका तर्क है कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण हर साल ऐसी स्थितियां दोहराई जाती हैं, जिसका लोगों की धार्मिक भावनाओं और पर्यावरण, दोनों पर बुरा असर पड़ता है।
**तीन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई**
इस संबंध में शिकायतें मिलने के बाद प्रशासन ने तीन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। इनमें एक वार्ड अधिकारी, एक स्वास्थ्य अधिकारी और एक नगर अभियंता शामिल हैं। हालांकि, स्थानीय निवासियों का मानना है कि केवल विभागीय कार्रवाई ही काफी नहीं है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।