शबाना आजमी बोलीं- जनता की ताकत रुकने वाली नहीं, वोटर लिस्ट से नाम हटने पर उठाए सवाल
मुंबई के शिवाजी पार्क में 2 अक्टूबर को मतदाता सूची और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर आयोजित प्रदर्शन में अभिनेत्री शबाना आजमी भी शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाए जाने को लेकर चिंता जताई और कहा कि लोकतंत्र में मतदान का अधिकार बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अब जनता की ताकत रुकने वाली नहीं है और एक जगह से उठी चिंगारी पूरे देश में फैल रही है।
शबाना आजमी ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि लोगों को बचपन से मतदान करने, अपने अधिकारों का इस्तेमाल करने और अपनी आवाज उठाने की सीख दी जाती है। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति के मौलिक अधिकार को प्रभावित करने की स्थिति बनती है तो लोगों के बीच सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने मतदाता सूची में नामों को लेकर चल रहे विवाद पर भी अपनी बात रखी।
अभिनेत्री ने दावा किया कि बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूचियों से हटा दिए गए हैं। लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने 13 करोड़ लोगों के नाम हटाए जाने का दावा किया। हालांकि, यह आंकड़ा मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के दौरान ड्राफ्ट सूचियों में बाहर रह गए या हटाए गए नामों से संबंधित व्यापक आंकड़ों के संदर्भ में सामने आया है, न कि इन सभी नामों के गलत तरीके से हटाए जाने की पुष्टि के रूप में।
दरअसल, SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग और विभिन्न राजनीतिक समूहों के बीच विवाद चल रहा है। चुनाव आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और अपात्र या डुप्लीकेट नामों को हटाना है, साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि कोई पात्र मतदाता सूची से बाहर न रह जाए। आयोग ने छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ने के लिए 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष अभियान चलाने की बात भी कही है।
मुंबई में हुए प्रदर्शन में शबाना आजमी के अलावा कई अन्य सार्वजनिक हस्तियां और प्रदर्शनकारी भी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाए। वहीं, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताया है और पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करने के लिए प्रक्रिया जारी रखने की बात कही है।
शबाना आजमी ने कहा कि अब यह देखना होगा कि मतदाता सूची से नाम हटने और SIR को लेकर उठ रहे सवालों पर आगे क्या कार्रवाई होती है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि लोगों की चिंताओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और विरोध आगे भी जारी रह सकते हैं।