☰
×

सचिन पायलट का CEC ज्ञानेश कुमार पर आरोप, बोले- SIR के जरिए चुनिंदा मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा

 

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की ओर से कराए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सवाल उठाए हैं। पायलट ने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया के जरिए चुनिंदा मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता जरूरी है।

सचिन पायलट ने अपने बयान में SIR को लेकर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिसमें किसी भी पात्र मतदाता का नाम प्रभावित न हो। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा प्रक्रिया में कुछ मतदाताओं को चुनकर निशाना बनाया जा रहा है।

‘पहले नोटबंदी, अब वोटबंदी’

सचिन पायलट ने SIR को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए ‘वोटबंदी’ शब्द का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि देश में पहले नोटबंदी हुई और अब ‘वोटबंदी’ की जा रही है।

पायलट के मुताबिक, मतदाता सूची से जुड़े किसी भी बदलाव का असर लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर पड़ता है। ऐसे में इस पूरी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों और आम मतदाताओं की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

हालांकि, पायलट की ओर से लगाए गए ये आरोप कांग्रेस के राजनीतिक रुख का हिस्सा हैं। चुनाव आयोग की प्रक्रिया और उसके उद्देश्यों को लेकर आयोग का आधिकारिक पक्ष अलग हो सकता है।

SIR को लेकर विपक्ष के सवाल

विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्षी दल लगातार सवाल उठाते रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची को अपडेट करने के नाम पर पात्र मतदाताओं के नाम हटने की आशंका है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी नेता इस मुद्दे पर चुनाव आयोग से पारदर्शिता की मांग कर चुके हैं।

वहीं, मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करना और सूची को अपडेट रखना है। चुनावी प्रक्रिया में मतदाता सूची की शुद्धता महत्वपूर्ण मानी जाती है।

CEC पर मनमानी का आरोप

सचिन पायलट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को सभी राजनीतिक दलों और मतदाताओं के प्रति निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए।

पायलट ने दावा किया कि SIR की प्रक्रिया में चुनिंदा मतदाताओं को निशाना बनाए जाने की आशंका है। उन्होंने इस मामले में चुनाव आयोग से स्पष्टता और जवाबदेही की मांग की।

चुनावी प्रक्रिया को लेकर बढ़ी बहस

SIR को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। एक तरफ विपक्षी दल इसके तरीके और संभावित प्रभाव पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं चुनाव आयोग की प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची का पुनरीक्षण और सत्यापन है।

सचिन पायलट के ‘पहले नोटबंदी, अब वोटबंदी’ वाले बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। आने वाले दिनों में SIR और मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस तथा चुनाव आयोग के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।