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एयरपोर्ट लैंडिंग के दौरान कम विजिबिलिटी और सुरक्षा खामियां रिपोर्ट में उजागर

 

हाल ही में जारी रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है कि एयरपोर्ट पर जिस समय फ्लाइट लैंड कर रही थी, उस दौरान विजिबिलिटी केवल 3000 मीटर थी। यह निर्धारित मानकों से कम माना गया, जिससे लैंडिंग प्रक्रिया जोखिम भरी साबित हो सकती थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, रनवे पर मार्किंग्स फीकी थीं और उचित लैंडिंग एड्स उपलब्ध नहीं थे। इसके अलावा, एयरपोर्ट पर आधिकारिक MET (मौसम विज्ञान) सुविधा भी मौजूद नहीं थी, जो पायलटों को मौसम संबंधी जानकारी देने में मदद करती। ये सभी खामियां लैंडिंग की सुरक्षा और विश्वसनीयता को प्रभावित करती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी एयरपोर्ट पर रनवे मार्किंग्स, लैंडिंग एड्स और मौसम सुविधाएं पायलटों की निर्णय क्षमता के लिए महत्वपूर्ण होती हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि यदि इन सुविधाओं में सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में एयरक्राफ्ट ऑपरेशन्स और यात्रियों की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है।

एयरपोर्ट प्रबंधन और संबंधित विभाग अब इस रिपोर्ट की सिफारिशों पर ध्यान दे रहे हैं। इनमें रनवे की मरम्मत, मार्किंग्स की स्पष्टता, लैंडिंग एड्स की स्थापना और MET सुविधाओं का संचालन शामिल है। अधिकारी ने बताया कि अगले कुछ महीनों में इन सुधारों को पूरा कर सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित की जाएगी।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि फ्लाइट लैंडिंग के समय पायलटों को मौसम की वास्तविक जानकारी नहीं मिल रही थी। इससे निर्णय लेने में कठिनाई हुई और लैंडिंग प्रक्रिया पर अतिरिक्त दबाव पड़ा। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि सभी एयरपोर्टों पर मानक MET सेवाओं का संचालन और रनवे उपकरणों का समय-समय पर परीक्षण किया जाना चाहिए।

इस घटना ने स्पष्ट किया कि सिर्फ विजिबिलिटी या मौसम खराब होने की वजह से खतरा नहीं होता, बल्कि एयरपोर्ट पर सुरक्षा उपायों की अनुपस्थिति भी जोखिम बढ़ा देती है। पायलट और एयरलाइन कंपनियां दोनों ही सुरक्षा मानकों और मानवीय जिम्मेदारी के तहत इन खामियों की पहचान कर प्रशासन से सुधार की मांग कर सकती हैं।

रिपोर्ट के प्रकाश में अब संबंधित अधिकारियों ने एयरपोर्ट सुधार योजना तैयार की है। इसमें रनवे की साफ-सुथरी मार्किंग्स, रोशनी और लैंडिंग संकेतकों का उन्नयन शामिल है। इसके अलावा, मौसम विज्ञान विभाग को भी एयरपोर्ट पर समानांतर MET स्टेशन स्थापित करने का निर्देश दिया गया है।