परीक्षा अनियमितताओं पर भड़की NSUI, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पारदर्शी व्यवस्था की मांग
National Students' Union of India (NSUI) ने हालिया परीक्षा अनियमितताओं को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों ने छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
NSUI नेताओं ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना समय की सबसे बड़ी जरूरत बन गई है। संगठन के अनुसार, पेपर लीक, मूल्यांकन में गड़बड़ी और परीक्षा प्रबंधन की लापरवाही जैसी घटनाओं से लाखों छात्रों का मानसिक तनाव बढ़ रहा है। छात्र लंबे समय तक तैयारी करने के बाद परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन अनियमितताओं के कारण उनका भविष्य प्रभावित होता है।
संगठन ने सरकार से मांग की है कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाए। इसके लिए डिजिटल मॉनिटरिंग, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने जैसे कदम उठाने की अपील की गई है। NSUI का कहना है कि केवल जांच के आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
NSUI ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को भी बड़ा मुद्दा बताया। संगठन के मुताबिक, बार-बार परीक्षा रद्द होने और परिणामों में देरी से छात्रों में निराशा और तनाव बढ़ रहा है। इससे उनकी पढ़ाई, करियर और आत्मविश्वास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। संगठन ने सरकार से छात्रों के हितों को प्राथमिकता देने और भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली विकसित करने की मांग की है।
छात्र संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि परीक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो देशभर में आंदोलन तेज किया जाएगा। NSUI नेताओं का कहना है कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार आवाज उठाई जाती रहेगी।