पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया मोड़, फुटेज में देंखे बीड से युवक हिरासत में, ‘क्राइम पेट्रोल’ देखकर रची थी साजिश
पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने मामले में बीड जिले से एक युवक को हिरासत में लिया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह युवक पुणे के बालेवाड़ी स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत है और उसका संबंध मामले के मुख्य आरोपियों से बताया जा रहा है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर हत्याकांड से जुड़े अहम तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में लिया गया युवक मुख्य आरोपी चेतन चौधरी और सिया या फिर मृतक केतन अग्रवाल में से किसी एक का करीबी दोस्त है। जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपियों ने हत्या की योजना इस युवक के साथ साझा की थी। हालांकि, पुलिस ने अभी तक युवक की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। माना जा रहा है कि यदि पूछताछ में उसका प्रत्यक्ष तौर पर अपराध में शामिल होना साबित नहीं होता, तो उसे मामले में गवाह बनाया जा सकता है।
जांच में सामने आया चौंकाने वाला दावा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान यह जानकारी भी मिली है कि मुख्य आरोपी चेतन चौधरी और सिया ने हत्या को अंजाम देने से पहले लोकप्रिय टीवी शो ‘क्राइम पेट्रोल’ के कई एपिसोड देखे थे। कथित तौर पर दोनों यह समझने की कोशिश कर रहे थे कि हत्या के बाद जांच एजेंसियों को कैसे गुमराह किया जा सकता है और सबूतों को किस तरह छिपाया जाए।
हालांकि, पुलिस की ओर से इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल फोन, इंटरनेट सर्च हिस्ट्री और डिजिटल गतिविधियों की भी जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने वारदात की तैयारी किस तरह की थी।
18 जून को हुई थी केतन की मौत
गौरतलब है कि 18 जून को 25 वर्षीय केतन अग्रवाल की मौत पुणे के प्रसिद्ध लोहगढ़ किले से गिरने के कारण हुई थी। शुरुआती तौर पर इसे हादसा माना जा रहा था, लेकिन पुलिस जांच आगे बढ़ने के साथ मामला हत्या की साजिश में बदल गया।
जांच में जुटी पुलिस का मानना है कि केतन, सिया और चेतन चौधरी के रिश्ते के बीच बाधा बन रहा था। इसी वजह से कथित तौर पर उसकी हत्या की योजना बनाई गई। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने घटना को दुर्घटना का रूप देने के लिए पहले से पूरी रणनीति तैयार की थी।
हिरासत में लिए गए युवक से पूछताछ जारी
बीड से हिरासत में लिए गए युवक से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि उसकी जानकारी से हत्या की साजिश, उसकी योजना और आरोपियों की भूमिका को लेकर कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। यदि वह केवल योजना की जानकारी रखने वाला व्यक्ति साबित होता है और अपराध में उसकी प्रत्यक्ष भूमिका नहीं मिलती, तो उसे सरकारी गवाह बनाए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।
फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। डिजिटल साक्ष्य, आरोपियों के आपसी संपर्क और घटनाक्रम से जुड़े अन्य सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।