NEET पेपर लीक केस: ब्यूटी पार्लर चलाने वाली मनिषा कैसे बनी नेटवर्क की अहम कड़ी, ऐसे फंसाती थी शिकार
NEET पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पुणे से मनिषा वाघमारे को गिरफ्तार किया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शुक्रवार को उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया, जबकि उससे पहले पुणे पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की थी।
जानकारी के अनुसार, मनिषा वाघमारे पुणे के सुख सागर नगर इलाके की रहने वाली है और वहां एक ब्यूटी पार्लर चलाती थी। हालांकि जांच में सामने आया है कि पिछले करीब दो वर्षों से वह कथित तौर पर NEET पेपर लीक रैकेट से जुड़ी हुई थी और इस नेटवर्क में एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रही थी।
पुलिस और जांच एजेंसियों के मुताबिक, मनिषा वाघमारे का काम छात्रों और उनके अभिभावकों से संपर्क करना था। वह परीक्षा में सफलता का भरोसा दिलाकर उन्हें इस कथित नेटवर्क से जोड़ती थी। इसके बाद वह छात्रों को धनंजय लोखंडे नामक व्यक्ति से मिलवाती थी, जो इस पूरे रैकेट के मुख्य लिंक में से एक बताया जा रहा है।
जांच में यह भी सामने आया है कि वह NEET परीक्षा देने वाले छात्रों की पहचान करती थी और उनसे पैसों की मांग करती थी। इसके बदले में वह उन्हें नेटवर्क तक पहुंचाती थी, जहां कथित रूप से परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों का खेल चलता था।
सूत्रों के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया में उसे कमीशन भी मिलता था। इस तरह यह नेटवर्क कई स्तरों पर काम करता था, जिसमें अलग-अलग लोग अलग-अलग भूमिकाएं निभाते थे। कोई छात्रों को ढूंढता था, कोई संपर्क बनाता था और कोई पैसे वसूलने का काम करता था।
CBI अब इस मामले में आगे की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे और कितने छात्रों को इसका हिस्सा बनाया गया था।