मुंबई के लिए रवाना हुए मनोज जरांगे, वीडियो में देंखे आजाद मैदान में प्रदर्शन की नहीं मिली अनुमति; 17 दिन से भूख हड़ताल जारी
महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे मनोज जरांगे मंगलवार सुबह मुंबई के लिए रवाना हो गए। हालांकि, मुंबई पुलिस ने उन्हें आजाद मैदान में प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी है। जरांगे पिछले 17 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। पिछले तीन साल में यह उनका 11वां अनशन बताया जा रहा है। मराठा आरक्षण को लेकर आंदोलन एक बार फिर तेज होने के बीच पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।मनोज जरांगे की मांग है कि जिन मराठों के कुनबी जाति से जुड़े वंशावली रिकॉर्ड मौजूद हैं, उन्हें अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC आरक्षण का लाभ दिया जाए। उनका कहना है कि ऐसे मराठों को कुनबी प्रमाणपत्र के आधार पर OBC आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। इसी मांग को लेकर वह लगातार आंदोलन कर रहे हैं।
17 दिन से भूख हड़ताल पर हैं जरांगे
मनोज जरांगे पिछले 17 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। यह पिछले तीन वर्षों में उनका 11वां अनशन बताया जा रहा है। मराठा आरक्षण के मुद्दे पर वह पहले भी कई बार आंदोलन और अनशन कर चुके हैं। इस बार उन्होंने मुंबई में प्रदर्शन के लिए कदम बढ़ाया है।जरांगे पहले महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों से बड़ी संख्या में मराठा समुदाय के लोगों को मुंबई ले जाने वाले थे। हालांकि, पुलिस की सख्ती और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए अब वह 5 से 10 ग्रुप्स के साथ मुंबई जा रहे हैं। आंदोलनकारियों की आवाजाही को लेकर प्रशासन की निगरानी बनी हुई है।
आजाद मैदान में प्रदर्शन की अनुमति नहीं
मुंबई पुलिस ने मनोज जरांगे को आजाद मैदान में प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी है। इसके बावजूद वह मुंबई के लिए रवाना हो गए हैं। पुलिस की ओर से अनुमति नहीं दिए जाने के पीछे सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताएं बताई जा रही हैं।मुंबई में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के पहुंचने की संभावना के बीच प्रशासन के सामने भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है। आंदोलन के आगे के स्वरूप को लेकर अब पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच स्थिति पर नजर बनी हुई है।
जरांगे ने लगाया जान से मारने की साजिश का आरोप
मनोज जरांगे ने दावा किया है कि उन्हें जान से मारने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें गोलियों से मरवाने की योजना बनाई जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।जरांगे के आरोपों के बीच मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। इन दावों पर आगे किसी जांच या आधिकारिक बयान की जानकारी सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
सरकार ने बातचीत की बात कही
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और महाराष्ट्र सरकार के कई मंत्री मनोज जरांगे से भूख हड़ताल खत्म करने की अपील कर चुके हैं। सरकार ने कहा है कि वह मराठा समाज की कानूनी मांगों पर बातचीत के लिए तैयार है।मराठा आरक्षण का मुद्दा महाराष्ट्र में लंबे समय से चर्चा में रहा है। जरांगे की मांग कुनबी जाति से जुड़े वंशावली रिकॉर्ड वाले मराठों को OBC आरक्षण का लाभ देने से संबंधित है। सरकार की ओर से कानूनी पहलुओं पर बातचीत की तैयारी जताई गई है, जबकि जरांगे आंदोलन जारी रखे हुए हैं।लहाल मुंबई पुलिस की अनुमति, जरांगे की भूख हड़ताल और सरकार के साथ बातचीत को लेकर आगे की स्थिति महत्वपूर्ण होगी। आंदोलनकारियों की मुंबई में आवाजाही और प्रदर्शन के संभावित कार्यक्रम पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।