Maharashtra School Bus Fare Hike: महाराष्ट्र में स्कूल बसों का किराया 15% बढ़ा, अभिभावकों पर बढ़ेगा बोझ
महाराष्ट्र में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही अभिभावकों को महंगाई का एक और झटका लगा है। स्कूल बस संचालकों ने मासिक परिवहन शुल्क में 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। नई दरें जून से लागू हो चुकी हैं, जिससे मुंबई समेत राज्यभर के लाखों अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
15 फीसदी तक बढ़ा स्कूल बस किराया
स्कूल बस ओनर्स एसोसिएशन के निर्णय के बाद स्कूल बसों का मासिक किराया बढ़ा दिया गया है। परिवहन संचालकों का कहना है कि ईंधन, वाहन रखरखाव, बीमा, कर्मचारियों के वेतन और अन्य परिचालन खर्चों में लगातार बढ़ोतरी के कारण किराया संशोधित करना आवश्यक हो गया था।
नए सत्र से लागू हुईं दरें
बढ़ा हुआ किराया नए शैक्षणिक सत्र के साथ ही लागू कर दिया गया है। कई अभिभावकों को स्कूलों और बस ऑपरेटरों की ओर से संशोधित शुल्क की जानकारी दी जा चुकी है।
अभिभावकों की बढ़ी चिंता
स्कूल फीस, किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य शैक्षणिक खर्चों के बीच बस किराए में बढ़ोतरी ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। कई परिवारों का कहना है कि लगातार बढ़ते शिक्षा संबंधी खर्च घरेलू बजट पर असर डाल रहे हैं।
बस संचालकों ने बताई वजह
बस ऑपरेटरों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में परिचालन लागत में काफी वृद्धि हुई है। उनका दावा है कि सुरक्षा मानकों, वाहन फिटनेस और कर्मचारियों के खर्चों को देखते हुए किराया बढ़ाना मजबूरी बन गया था।
लाखों छात्रों पर पड़ेगा असर
मुंबई, पुणे, नागपुर, ठाणे और अन्य शहरों में बड़ी संख्या में छात्र स्कूल बस सेवा का उपयोग करते हैं। ऐसे में किराया वृद्धि का प्रभाव सीधे लाखों परिवारों पर पड़ेगा।
वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार कर रहे अभिभावक
कई अभिभावक अब कारपूलिंग, सार्वजनिक परिवहन या निजी वाहन जैसी वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर विचार कर रहे हैं ताकि अतिरिक्त खर्च को कम किया जा सके।
हालांकि, स्कूल बस संचालकों का कहना है कि सुरक्षित और व्यवस्थित परिवहन सेवा बनाए रखने के लिए किराया संशोधन आवश्यक था। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर अभिभावकों और बस संचालकों के बीच चर्चा तेज होने की संभावना है।