Maharashtra Drought: 265 तालुकों में सूखा, लोकायुक्त के लिए 1.32 करोड़ की लग्जरी कारें मंजूर
महाराष्ट्र में सूखे की गंभीर स्थिति के बीच सरकारी खर्च से जुड़ा एक फैसला चर्चा में है। राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने लोकायुक्त कार्यालय के चार सदस्यों के लिए कुल 1.32 करोड़ रुपये की गाड़ियां खरीदने की मंजूरी दी है। प्रत्येक वाहन के लिए 33 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। यह फैसला ऐसे समय में हुआ है जब राज्य के 358 में से 265 तालुकाओं को आधिकारिक तौर पर सूखा प्रभावित घोषित किया गया है।
हर वाहन के लिए 33 लाख रुपये मंजूर
सरकारी आदेश के मुताबिक लोकायुक्त कार्यालय के चार सदस्यों के लिए चार वाहन खरीदे जाएंगे। प्रत्येक वाहन की कीमत के लिए 33 लाख रुपये तक की राशि मंजूर की गई है। रिपोर्टों के अनुसार, इन वाहनों में Innova Hycross ZX-7S मॉडल शामिल है।
ये वाहन हाल ही में शपथ लेने वाले लोकायुक्त कार्यालय के सदस्यों के लिए उपलब्ध कराए जाने हैं। लोकायुक्त कार्यालय का नेतृत्व पूर्व न्यायमूर्ति सुनील शुक्रे कर रहे हैं। पैनल में पूर्व न्यायमूर्ति सुरेंद्र तावड़े और सुवर्णा केवले तथा गैर-न्यायिक सदस्यों के रूप में पूर्व डीजीपी रश्मि शुक्ला और पूर्व आईएएस अधिकारी ओम प्रकाश गुप्ता शामिल हैं।
265 तालुकाओं में सूखा घोषित
सरकार ने महाराष्ट्र के 358 में से 265 तालुकाओं को सूखा प्रभावित घोषित किया है। यह राज्य के करीब 74 प्रतिशत तालुकाओं के बराबर है। कम बारिश के कारण कई इलाकों में पानी की कमी के साथ खेती और पशुपालन पर भी असर पड़ने की खबरें सामने आई हैं।
सूखा घोषित किए गए क्षेत्रों में राहत और सहायता से जुड़े उपायों पर भी सरकार की ओर से काम किया जा रहा है। ऐसे समय में लोकायुक्त कार्यालय के वाहनों पर 1.32 करोड़ रुपये के खर्च की मंजूरी ने सरकारी व्यय को लेकर चर्चा शुरू कर दी है।
खर्च में संयम की अपील के बीच फैसला
चार वाहनों की खरीद को लेकर चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि हाल में राज्य सरकार के कुछ मंत्रियों ने सरकारी बैठकों और कार्यक्रमों में खर्च कम करने की अपील की थी। मंत्री उदय सामंत ने अधिकारियों से औपचारिक सम्मान, महंगे ड्राई फ्रूट और अन्य अनावश्यक खर्चों को कम करने को कहा था। वहीं, मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने भी किसानों से कठिन परिस्थितियों में खर्च सीमित रखने की अपील की थी।
4 सितंबर को हुई थी वाहनों की समीक्षा
रिपोर्टों के मुताबिक, लोकायुक्त कार्यालय के नए सदस्यों के शपथ ग्रहण के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने 4 सितंबर को वाहनों की जरूरत की समीक्षा की थी। इसी दिन खरीद के लिए प्रशासनिक मंजूरी दी गई। इसके बाद सरकारी प्रस्ताव के जरिए चार वाहनों के लिए कुल 1.32 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई।
फिलहाल इस फैसले को लेकर सरकारी खर्च, सूखे की स्थिति और प्रशासनिक जरूरतों के बीच संतुलन को लेकर चर्चा जारी है।