☰
×

महाराष्ट्र में सूखे के बीच लोकायुक्त के लिए 1.32 करोड़ की लग्जरी कारें मंजूर, हर वाहन का बजट 33 लाख रुपये

 

महाराष्ट्र में एक तरफ बड़ी संख्या में तालुके सूखे की स्थिति से गुजर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर लोकायुक्त कार्यालय के लिए लग्जरी कारों की खरीद को मंजूरी दिए जाने का मामला चर्चा में है। महाराष्ट्र सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने लोकायुक्त कार्यालय के चार सदस्यों के लिए कुल 1.32 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। यानी प्रत्येक वाहन के लिए 33 लाख रुपये का बजट तय किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार की ओर से चार Innova Hycross ZX-7S वाहनों की खरीद को मंजूरी दी गई है। ये वाहन लोकायुक्त कार्यालय के हाल ही में नियुक्त सदस्यों के लिए उपलब्ध कराए जाने हैं। वाहनों की खरीद के लिए प्रशासनिक मंजूरी 4 सितंबर को दी गई थी और इसके बाद सरकार की ओर से संबंधित आदेश जारी किया गया।

लोकायुक्त कार्यालय में किनके लिए वाहन

लोकायुक्त कार्यालय का नेतृत्व पूर्व न्यायमूर्ति सुनील शुक्रे कर रहे हैं। पैनल में पूर्व न्यायमूर्ति सुरेंद्र तावड़े और पूर्व न्यायमूर्ति सुवर्णा केवले न्यायिक सदस्य के रूप में शामिल हैं। इसके अलावा पूर्व डीजीपी रश्मि शुक्ला और पूर्व आईएएस अधिकारी ओम प्रकाश गुप्ता गैर-न्यायिक सदस्यों के रूप में पैनल का हिस्सा हैं। रिपोर्टों के अनुसार, स्वीकृत चार वाहनों का इस्तेमाल लोकायुक्त के नए सदस्यों के लिए किया जाना है।

358 में से 265 तालुके सूखे की चपेट में

कारों की खरीद की मंजूरी ऐसे समय में दी गई है जब महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के 358 में से 265 तालुकाओं को सूखा प्रभावित घोषित किया है। यह संख्या राज्य के करीब तीन-चौथाई तालुकाओं के बराबर है। सरकार ने कम बारिश और लंबे समय तक चले सूखे के बाद यह घोषणा की है। इसके तहत प्रभावित क्षेत्रों में फसल नुकसान का आकलन और राहत उपायों की प्रक्रिया शुरू की गई है।

सरकार के खर्च पर चर्चा

लोकायुक्त कार्यालय के लिए वाहनों पर 1.32 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी ऐसे समय में सामने आई है जब राज्य में सरकारी खर्च में संयम बरतने की अपील भी की जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, मंत्री उदय सामंत ने सरकारी बैठकों में औपचारिक सम्मान, महंगे ड्राई फ्रूट और विशेष भोजन जैसी व्यवस्थाओं को सीमित करने के निर्देश दिए हैं। वहीं मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने भी सूखे की स्थिति के बीच किसानों से खर्च में संयम बरतने की अपील की थी।

इस फैसले के बाद सरकारी खर्च और प्राथमिकताओं को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। वहीं सरकार की ओर से लोकायुक्त कार्यालय की वाहन जरूरतों के आकलन के आधार पर खरीद को मंजूरी दिए जाने की बात सामने आई है। सूखा प्रभावित क्षेत्रों में राहत और फसल नुकसान के आकलन की प्रक्रिया भी जारी है।