गोवंडी पुलिस ने 45 लाख रुपये लेकर फरार हुए ड्राइवर और उसके भाई को गिरफ्तार किया
गोवंडी पुलिस ने 58 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेंट तेजप्रताप डिंगी से 45 लाख रुपये लेकर फरार हुए उसके ड्राइवर नितेश महतो और उसके भाई राहुल महतो को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी 19 सितंबर को रकम लेकर भाग गए थे और तब से पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी।
सूत्रों के अनुसार, शिकायत दर्ज होने के बाद डीसीपी समीर शेख के निर्देश पर पुलिस ने तीन विशेष टीमें गठित की और आरोपियों की तलाश के लिए उन्हें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार रवाना किया। अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के परिचितों और उनके संपर्कों की गतिविधियों पर सतर्क निगरानी रखी गई।
पुलिस ने आरोपियों के लोकेशन ट्रेसिंग और गहन जांच के बाद उन्हें मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के समय उनके पास से कुल 45 लाख रुपये में से 36 लाख रुपये बरामद किए गए। शेष राशि की भी तलाश जारी है और पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरी रकम बरामद कर ली जाएगी।
गोवंडी पुलिस के अधिकारी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को तुरंत हिरासत में लिया गया और उनसे पूछताछ जारी है। उन्होंने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी और रकम की बरामदगी से चार्टर्ड अकाउंटेंट तेजप्रताप डिंगी और अन्य प्रभावित लोगों को राहत मिली है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में अनुशासन और तेज़ी से कार्रवाई करना बेहद महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने बताया कि पुलिस की विशेष टीमें और लोकेशन ट्रेसिंग तकनीक ने इस मामले में सफलता दिलाई।
शहर में वित्तीय अपराध और धोखाधड़ी के मामलों को रोकने के लिए पुलिस की सतर्कता और सक्रियता बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और इस घटना को उदाहरण के तौर पर पेश किया जाएगा।
इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने यह भी चेतावनी दी है कि किसी भी वित्तीय या संपत्ति संबंधी धोखाधड़ी में शामिल व्यक्ति को कानून की पकड़ से बचना मुश्किल होगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि ऐसी घटनाओं की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
गोवंडी पुलिस ने बताया कि आरोपी नितेश और राहुल महतो का परिवार और परिचित पुलिस के रडार पर हैं, ताकि कोई भागने या रकम छिपाने की कोशिश न कर सके। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले में पूरी रकम की बरामदगी और कानूनी कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी।
इस प्रकार, तेजप्रताप डिंगी से 45 लाख रुपये लेकर फरार हुए आरोपी अब पुलिस की पकड़ में हैं और उनकी गिरफ्तारी से शहर में वित्तीय सुरक्षा और कानून के प्रति विश्वास बढ़ा है।