मुंबई के जवेरी बाजार में सोने के कारोबार पर दबाव, दैनिक ट्रेड आधा हुआ
देश के सबसे बड़े गोल्ड ट्रेडिंग हब जवेरी बाजार में सोने का कारोबार इन दिनों दबाव में नजर आ रहा है। प्रधानमंत्री की अपील के बाद बाजार में दैनिक कारोबार में तेज गिरावट दर्ज की गई है। पहले जहां यहां करीब 1400 करोड़ रुपये का रोज़ाना व्यापार होता था, वहीं अब इसमें भारी कमी देखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, पिछले चार दिनों में कुल मिलाकर करीब 4200 करोड़ रुपये का अनुमानित कारोबार होने के बजाय केवल 2000 से 2500 करोड़ रुपये के बीच ही सोने का व्यापार दर्ज किया गया है। कारोबारियों का कहना है कि मांग में आई यह गिरावट बाजार के लिए चिंता का विषय बन गई है।
व्यापारियों के मुताबिक, इंपोर्ट ड्यूटी में बढ़ोतरी के चलते सोने की कीमतें लगातार ऊंचाई पर बनी हुई हैं। इससे ग्राहकों की खरीद क्षमता प्रभावित हुई है और खुदरा खरीदारों ने बाजार से दूरी बनानी शुरू कर दी है। खासकर छोटे और मध्यम स्तर के ज्वेलरी खरीदारों की संख्या में कमी देखी जा रही है।
कारोबारियों का मानना है कि मौजूदा हालात में अंतरराष्ट्रीय बाजार की कीमतों और घरेलू टैक्स स्ट्रक्चर का सीधा असर स्थानीय व्यापार पर पड़ रहा है। कई दुकानदारों ने यह भी बताया कि निवेशक और ग्राहक फिलहाल कीमतों में स्थिरता का इंतजार कर रहे हैं।
हालांकि, आधिकारिक आंकड़े अभी पूरी तरह सामने नहीं आए हैं, लेकिन बाजार के रुझान साफ संकेत दे रहे हैं कि कारोबार में अस्थायी सुस्ती आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में यदि कीमतों में नरमी आती है तो मांग में सुधार देखने को मिल सकता है।
फिलहाल जवेरी बाजार के व्यापारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई योजनाओं और ऑफर्स पर भी विचार किया जा रहा है।