चुनाव से पहले Gen-Z पर नजर, युवा मतदाताओं तक पहुंच बनाने में जुटे राजनीतिक दल
आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक दलों ने युवा और खासकर जेन-जी मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाने की कवायद तेज कर दी है। इसी कड़ी में आयोजित कार्यक्रम को एक बड़े जनसंपर्क अभियान के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक दल अब युवाओं की प्राथमिकताओं, उनकी समस्याओं और बदलती राजनीतिक सोच को समझने के साथ उन्हें अपने पक्ष में जोड़ने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
Gen-Z मतदाता क्यों अहम
जेन-जी यानी नई पीढ़ी के मतदाता सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन संवाद के जरिए राजनीतिक घटनाक्रम पर लगातार नजर रखते हैं। रोजगार, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, तकनीक, स्टार्टअप और भविष्य के अवसर जैसे मुद्दे इस वर्ग के लिए खास महत्व रखते हैं।
ऐसे में राजनीतिक दल पारंपरिक जनसभाओं के साथ-साथ युवाओं के बीच सीधे संवाद और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं। कार्यक्रमों के जरिए युवाओं से उनकी राय जानने और उन्हें राजनीतिक प्रक्रिया से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
चुनाव से पहले बढ़ी सक्रियता
आगामी चुनावों को देखते हुए युवा मतदाताओं को साधना राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण रणनीति बन गया है। पार्टियां युवाओं के बीच अपनी नीतियों और उपलब्धियों को पहुंचाने के साथ विपक्ष की नीतियों पर भी सवाल उठा रही हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अब इस बात पर है कि जनसंपर्क के इन अभियानों का Gen-Z मतदाताओं पर कितना असर पड़ता है। आने वाले समय में युवाओं से जुड़े मुद्दे चुनावी बहस के केंद्र में रहने की संभावना है।