टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में चार गिरफ्तार, हथियार पहुंचाने के लिए अपनाया गया ‘डेड लेटर बॉक्स’ तरीका
अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई में हुई फायरिंग के मामले में दिल्ली पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में उत्तर प्रदेश की रहने वाली दो लड़कियां और हरियाणा के दो युवक शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में कुणाल नाम के एक आरोपी की भूमिका सामने आई है, जिसने कथित तौर पर अनिल पंडित के निर्देश पर अमृतसर से हथियार मुंबई पहुंचवाए थे।
जांच में हथियारों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए कथित तौर पर ‘डेड लेटर बॉक्स’ तरीके का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका और फायरिंग की घटना के पीछे की साजिश की जांच कर रही है।
क्या है ‘डेड लेटर बॉक्स’ तरीका?
‘डेड लेटर बॉक्स’ ऐसी व्यवस्था को कहा जाता है, जिसमें कोई व्यक्ति पहले से तय गुप्त स्थान पर सामान छोड़ देता है और दूसरा व्यक्ति वहां से उसे उठा लेता है। इस प्रक्रिया में दोनों का आमने-सामने मिलना जरूरी नहीं होता। पुलिस के अनुसार, टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में भी कथित तौर पर इसी तरीके से हथियार हासिल किए गए थे।
एन्क्रिप्टेड चैट के जरिए संपर्क में रहने का आरोप
जांच अधिकारियों के मुताबिक, कुणाल की पहचान अनिल पंडित से एक परिचित के जरिए हुई थी। इसके बाद दोनों कथित तौर पर एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के माध्यम से संपर्क में रहते थे। पुलिस का आरोप है कि अनिल पंडित के निर्देश पर कुणाल ने हथियार और कारतूस जुटाने तथा उन्हें मुंबई पहुंचाने की व्यवस्था की। इस मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
जांच के दायरे में हथियार सप्लाई नेटवर्क
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियारों की आपूर्ति में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा फायरिंग की घटना से पहले और बाद में आरोपियों के बीच किस तरह संपर्क हुआ। चारों आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने के बाद मुंबई पुलिस ने पूछताछ के लिए उनकी हिरासत मांगी थी।मामले में पुलिस के आरोपों की न्यायिक प्रक्रिया के तहत पुष्टि होनी बाकी है। जांच पूरी होने के बाद ही हथियार सप्लाई नेटवर्क और कथित साजिश में शामिल लोगों की भूमिका की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।