महाराष्ट्र में खाद्य मिलावट पर FDA की सख्ती, त्योहार से 21 दिन पहले शुरू होगी कार्रवाई
महाराष्ट्र में त्योहारों, मेलों और धार्मिक आयोजनों के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने सालभर का विशेष कैलेंडर तैयार किया है। इसके तहत संबंधित त्योहार या आयोजन से 21 दिन पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। विभाग की नजर खास तौर पर उन खाद्य पदार्थों पर रहेगी, जिनमें मिलावट की आशंका अधिक रहती है।
11 हाई-रिस्क खाद्य श्रेणियों पर खास नजर
FDA ने मिलावट के लिहाज से 11 हाई-रिस्क खाद्य श्रेणियों को निगरानी के दायरे में रखा है। इनमें दूध, मिठाई, खाद्य तेल और मांस समेत अन्य संवेदनशील खाद्य पदार्थ शामिल हैं। त्योहारों के दौरान इनकी मांग बढ़ने के कारण मिलावट की आशंका को देखते हुए विभाग पहले से कार्रवाई करेगा।
त्योहार से पहले शुरू होगी जांच
नई व्यवस्था के तहत किसी भी बड़े त्योहार, मेले या धार्मिक आयोजन का इंतजार नहीं किया जाएगा। FDA द्वारा तैयार कैलेंडर के अनुसार संबंधित आयोजन से 21 दिन पहले ही जांच और कार्रवाई शुरू करने की योजना है। इसका उद्देश्य बाजार में मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री पर समय रहते रोक लगाना है।
सालभर चलेगी निगरानी
FDA का यह कैलेंडर केवल किसी एक त्योहार तक सीमित नहीं रहेगा। पूरे साल होने वाले प्रमुख त्योहारों, मेलों और धार्मिक आयोजनों को ध्यान में रखते हुए निगरानी की जाएगी। इससे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखने और संभावित मिलावट के मामलों को शुरुआती स्तर पर पकड़ने में मदद मिलेगी।
बढ़ती मांग के बीच मिलावट पर फोकस
त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान दूध, मिठाई, तेल और मांस जैसे खाद्य पदार्थों की मांग में बढ़ोतरी होती है। ऐसे समय में मिलावट की शिकायतों और आशंकाओं को देखते हुए FDA ने हाई-रिस्क श्रेणियों पर विशेष ध्यान देने का फैसला किया है। 21 दिन पहले कार्रवाई शुरू करने से विभाग को बाजार की जांच और निगरानी के लिए पर्याप्त समय भी मिलेगा।
महाराष्ट्र FDA की इस पहल का मुख्य उद्देश्य त्योहारों के दौरान लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना तथा खाद्य मिलावट के मामलों पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाना है।