दिल्ली में पेड़ संरक्षण कानून को लेकर सख्ती के संकेत, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हरित संपदा बचाने पर दिया जोर
राजधानी दिल्ली में पर्यावरण संरक्षण को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि शहर की हरित संपदा (ग्रीन कवर) की रक्षा बेहद जरूरी है और पेड़ संरक्षण कानूनों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे पेड़ों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और हरित वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
सरकार की ओर से इस दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए ग्रीन हेल्पलाइन नंबर 1800118600 को दोबारा सक्रिय कर दिया गया है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से नागरिक पेड़ों की अवैध कटाई, हरित क्षेत्र के नुकसान या पर्यावरण से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे।
अधिकारियों के अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य पर्यावरणीय अपराधों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना और जनता को सीधे प्रशासन से जोड़ना है। शिकायत मिलने पर संबंधित विभाग तुरंत जांच कर आवश्यक कदम उठाएगा।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली जैसे तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्र में हरित क्षेत्र का संरक्षण बेहद जरूरी है, क्योंकि यह न केवल वायु गुणवत्ता सुधारता है बल्कि शहरी तापमान को भी नियंत्रित करता है।
सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में वृक्षारोपण अभियानों को और तेज किया जाएगा और हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए नई योजनाएं भी लागू की जाएंगी।
फिलहाल, यह पहल दिल्ली में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक सख्त और सक्रिय नीति के रूप में देखी जा रही है।