☰
×

एक महीने के बच्चे की खरीद-फरोख्त का खुलासा, 48 घंटे में कई हाथों से गुजरकर हैदराबाद पहुंचा मासूम

 

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक महीने के बच्चे की कथित खरीद-फरोख्त का मामला सामने आया है। पुलिस जांच के मुताबिक, बच्चे को उसके जैविक माता-पिता ने करीब 1.20 लाख रुपये में एक महिला को सौंपा था। इसके बाद महज 48 घंटे के भीतर बच्चा कई लोगों के हाथों से गुजरता हुआ नांदेड़ और तेलंगाना के रास्ते हैदराबाद पहुंच गया। पुलिस ने इस मामले में बच्चे के माता-पिता समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है और मासूम को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है।

1.20 लाख रुपये में हुआ पहला सौदा

पुलिस के अनुसार, बच्चे का जन्म 5 जुलाई को हुआ था। करीब एक महीने बाद उसके माता-पिता ने कथित तौर पर उसे सीमा रेशवाल नाम की महिला को 1.20 लाख रुपये में सौंप दिया। जांच में सामने आया कि सीमा की मां कौशल्या पवार भी इस मामले की कड़ी में शामिल थी।

पुलिस के मुताबिक, बच्चे को सौंपने के बाद माता-पिता ने मिली रकम में से करीब 62 हजार रुपये के सोने के आभूषण और लगभग 25 हजार रुपये के दो मोबाइल फोन खरीदे। पुलिस ने इन सामानों को जांच के दौरान जब्त किया है।

2.70 लाख से बढ़कर 3.50 लाख तक पहुंची रकम

जांच में पुलिस को पता चला कि सीमा रेशवाल ने बच्चे को संगीता आव्हाड नाम की महिला को करीब 2.70 लाख रुपये में दिया। इसके बाद बच्चे को नांदेड़ ले जाया गया, जहां उसकी अगली डील हुई।

पुलिस के अनुसार, संगीता ने बच्चे को सुरेश गुंटुका नाम के व्यक्ति को करीब 3.50 लाख रुपये में सौंपा। इसके बाद सुरेश ने बच्चे को अपनी रिश्तेदार उमा खटकम के पास हैदराबाद पहुंचा दिया। इस तरह बच्चे की खरीद-फरोख्त की रकम हर चरण में बढ़ती गई।

हैदराबाद से सुरक्षित बरामद हुआ मासूम

मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने अलग-अलग कड़ियों को जोड़ते हुए बच्चे की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि बच्चा हैदराबाद में है। इसके बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसे सुरक्षित बरामद कर महाराष्ट्र वापस लाया।

बच्चे को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। समिति के निर्देश के बाद उसे एक अधिकृत बाल देखभाल संस्था की निगरानी में रखा गया है, जहां उसकी सुरक्षा और देखभाल की जा रही है।

सात आरोपी गिरफ्तार, बड़े नेटवर्क की भी जांच

पुलिस ने मामले में बच्चे के जैविक माता-पिता, सीमा रेशवाल, कौशल्या पवार, संगीता आव्हाड, सुरेश गुंटुका और उमा खटकम को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और किशोर न्याय अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या इस मामले के तार किसी बड़े अंतरराज्यीय बाल तस्करी नेटवर्क से जुड़े हैं। हालांकि, अधिकारियों के मुताबिक अभी तक गिरफ्तार आरोपियों को इसी तरह के दूसरे मामलों से जोड़ने वाला कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है। मामले की जांच जारी है।