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सरपंच से मुख्यमंत्री तक का सफर, 27 साल की उम्र में भजनलाल शर्मा ने जीता था पहला चुनाव

 

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का राजनीतिक सफर जमीनी स्तर से शुरू हुआ। आज प्रदेश की सत्ता की कमान संभाल रहे भजनलाल शर्मा ने राजनीति में अपनी शुरुआत पंचायत स्तर से की थी। भरतपुर जिले के अटारी गांव में जन्मे भजनलाल शर्मा ने महज 27 साल की उम्र में सरपंच का चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की। इसके बाद वह भारतीय जनता पार्टी के संगठन में सक्रिय हुए और धीरे-धीरे पार्टी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालते हुए आगे बढ़ते गए।

27 साल की उम्र में बने सरपंच

भजनलाल शर्मा का शुरुआती राजनीतिक सफर गांव की राजनीति से जुड़ा रहा। 27 साल की उम्र में उन्होंने सरपंच का चुनाव जीता। पंचायत स्तर पर मिली इस जिम्मेदारी ने उन्हें सीधे तौर पर ग्रामीण राजनीति और आम लोगों से जुड़ने का अवसर दिया।

सरपंच के तौर पर काम करने के दौरान स्थानीय स्तर के मुद्दों, ग्रामीण विकास और लोगों की समस्याओं से उनका सीधा संपर्क बना। इसके बाद उनकी राजनीतिक सक्रियता का दायरा लगातार बढ़ता गया।

बीजेपी युवा मोर्चा से बढ़ी सक्रियता

सरपंच बनने के बाद भजनलाल शर्मा भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा में सक्रिय हुए। संगठन के साथ काम करते हुए उन्होंने पार्टी की गतिविधियों में भाग लिया और कार्यकर्ताओं के बीच अपनी जगह बनाई।

युवा मोर्चा के जरिए उन्होंने संगठनात्मक राजनीति को करीब से समझा। इसके बाद पार्टी में अलग-अलग जिम्मेदारियां मिलने लगीं। संगठन के प्रति सक्रियता और लगातार काम करने की वजह से उनका राजनीतिक कद भी बढ़ता गया।

संगठन में लगातार बढ़ते गए

भजनलाल शर्मा का राजनीतिक सफर केवल चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने लंबे समय तक संगठन के लिए काम किया। पार्टी की बैठकों, कार्यक्रमों और अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए उन्होंने संगठन में अपनी पहचान बनाई।

जमीनी स्तर से शुरू हुआ उनका यह सफर धीरे-धीरे प्रदेश की राजनीति तक पहुंचा। पार्टी संगठन में लंबे समय तक काम करने के बाद उन्हें विधानसभा चुनाव लड़ने का मौका मिला।

पहली बार विधायक बने, फिर मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी

भजनलाल शर्मा ने सांगानेर विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर पहली बार राजस्थान विधानसभा में प्रवेश किया। इसके बाद पार्टी नेतृत्व ने उन्हें राजस्थान के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी।

इस तरह 27 साल की उम्र में गांव की पंचायत से शुरू हुआ राजनीतिक सफर मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचा। उनके राजनीतिक सफर में संगठन के साथ लंबे समय तक काम करने और जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने को महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है।

पंचायत से सत्ता के शीर्ष तक

भजनलाल शर्मा की राजनीतिक यात्रा इस बात का उदाहरण है कि राजनीति में जमीनी स्तर से शुरुआत करने वाला व्यक्ति संगठन में लगातार काम करते हुए बड़े पद तक पहुंच सकता है। सरपंच से लेकर युवा मोर्चा और पार्टी संगठन की जिम्मेदारियों तक उनका सफर कई चरणों से होकर गुजरा।

अटारी गांव से शुरू हुई उनकी राजनीतिक यात्रा आज राजस्थान के मुख्यमंत्री पद तक पहुंच चुकी है। पंचायत चुनाव में जीत से शुरू हुई यह कहानी राज्य की सत्ता की जिम्मेदारी संभालने तक जारी रही।