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मनोरी बीच के पास जहाज में चोरी की कोशिश बनी जानलेवा, 4 की मौत; पहले भी दो बार बनाया था निशाना

 

मुंबई के मनोरी बीच के पास समुद्र में फंसे एक विदेशी जहाज में चोरी की कोशिश के दौरान चार लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस गिरोह ने जहाज को निशाना बनाया था, वह इससे पहले भी यहां चोरी की वारदात कर चुका था। पुलिस अब जहाज से जुड़ी पिछली घटनाओं और गिरोह के सदस्यों की भूमिका की जांच कर रही है।

स्पीडबोट से जहाज तक पहुंचे थे लोग

पुलिस के मुताबिक, घटना 27 सितंबर के आसपास हुई। करीब आठ लोग स्पीडबोट के जरिए मनोरी के पास फंसे जहाज तक पहुंचे थे। एक व्यक्ति नाव पर रुक गया, जबकि सात लोग जहाज के अंदर चले गए। इनमें से चार लोग कथित तौर पर जहाज के इंजन रूम के पास पाइप काटकर तांबा चोरी करने की कोशिश कर रहे थे।

इसी दौरान जहाज के अंदर गैस रिसाव होने की आशंका है। जहरीली गैस की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई। एक अन्य व्यक्ति भी गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गया था, जिसे उसके साथियों ने बाहर निकाला। पुलिस ने मौत के सही कारण की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम कराया है।

जहाज को पहले भी बनाया गया था निशाना

जांच में पुलिस को पता चला है कि गिरोह करीब एक महीने से इस जहाज पर नजर रख रहा था। पुलिस को संदेह है कि इससे पहले भी जहाज में कम से कम दो बार चोरी की गई थी। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछली घटनाओं में लाखों रुपये का सामान चोरी होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस इन घटनाओं को मौजूदा मामले से जोड़कर जांच कर रही है।

यह जहाज निकारागुआ के झंडे वाला MT Al Jafzia बताया गया है और करीब चार महीने से मुंबई के गोराई-मनोरी तट के पास फंसा हुआ था। तेज हवाओं और खराब मौसम के कारण जहाज के वहां फंसने की जानकारी सामने आई है।

तीन संदिग्ध गिरफ्तार, जांच जारी

घटना का खुलासा तब हुआ जब गिरोह से जुड़े एक व्यक्ति ने पुलिस को अपने साथियों के जहाज के अंदर फंसे होने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने मर्चेंट नेवी के कर्मचारियों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और जहाज से चार शव बरामद किए।

पुलिस ने मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियां अब मृतकों की पहचान, जहाज में पहले हुई चोरी की घटनाओं और गैस रिसाव की वजह का पता लगाने में जुटी हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि जहाज की सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी और गिरोह लगातार वहां तक कैसे पहुंच रहा था।