'अराजकता की ओर ले जाने की कोशिश', संजय राउत के अल्बानिया वाले वीडियो पर हंगामा
अल्बानिया में हुए विरोध-प्रदर्शनों को लेकर शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत के बयान पर BJP ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। BJP का आरोप है कि विपक्ष के नेता देश के लोकतंत्र को अराजकता की ओर धकेलने की कोशिश कर रहे हैं। पार्टी प्रवक्ता सिद्धार्थ यादव ने कहा कि विपक्ष के नेता अक्सर भारत में सत्ता परिवर्तन की बात करते हैं, और कई बार तो बांग्लादेश का उदाहरण भी देते हैं। अब संजय राउत का कहना है कि अल्बानिया की घटनाओं से सबक लेना चाहिए, जहाँ हिंसक विरोध-प्रदर्शनों के दौरान सुप्रीम कोर्ट में आग लगा दी गई थी। यादव ने कहा कि विपक्ष के नेताओं की ऐसी टिप्पणियाँ दुर्भाग्यपूर्ण हैं और जोर देकर कहा कि भारत में अराजकता का कोई भी मॉडल सफल नहीं होगा।
सोमवार को संजय राउत ने 'X' (पहले ट्विटर) पर मराठी में एक पोस्ट शेयर की, जिसमें अल्बानिया में हुई आगजनी का 13 सेकंड का वीडियो था। अपने संदेश में राउत ने कहा कि सभी देशों को—खासकर भारत को—इन घटनाओं से सीखना चाहिए। उन्होंने सीधे तौर पर भारत का नाम लेने के बजाय अपनी पोस्ट में राष्ट्रीय ध्वज का इमोजी इस्तेमाल किया। BJP ने इस टिप्पणी पर सवाल उठाए हैं। सिद्धार्थ यादव ने कहा कि विपक्ष के नेता पहले भी भारत में सत्ता परिवर्तन की बात कर चुके हैं और बार-बार बांग्लादेश की घटनाओं का हवाला देते रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि अल्बानिया का उदाहरण देकर वे क्या संदेश देना चाहते हैं?
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आम जनता को भुगतना पड़ता है: रामदास अठावले।
राउत के बयान की आलोचना करते हुए केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि संजय राउत अक्सर बड़े-बड़े लेकिन गुमराह करने वाले दावे करते हैं। अठावले ने सवाल किया कि क्या किसी दूसरे देश में कोर्ट जलाए जाने की घटना का मतलब यह है कि भारत में भी ऐसा ही कुछ होना चाहिए? राहुल गांधी, संजय राउत और उद्धव ठाकरे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये नेता अक्सर अन्याय की बात करते हैं। अठावले ने आगे कहा कि जब लोग बार-बार सड़कों पर उतरते हैं और कानून-व्यवस्था बिगड़ती है, तो अंततः आम जनता को ही नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसी स्थितियों में पुलिस को कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। उन्होंने राउत की टिप्पणियों को गलत बताया और कहा कि इस तरह के बयान नहीं दिए जाने चाहिए।