नासिक में ज्योतिषाचार्य अशोक खरात की जांच में बड़े खुलासे, अंधविश्वास की आड़ में चल रहा रैकेट बेनकाब
महाराष्ट्र के नासिक से रेप केस में गिरफ्तार ज्योतिषाचार्य अशोक खरात उर्फ ‘कैप्टन खरात’ के मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे उसकी पहुंच, रसूख और प्रभाव की परतें खुलती जा रही हैं। जांच एजेंसियों के सामने रोजाना नए खुलासे सामने आ रहे हैं, जिससे यह मामला और भी गंभीर होता जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी अशोक खरात पर आरोप है कि वह खुद को एक प्रभावशाली और शक्तिशाली आध्यात्मिक व्यक्तित्व के रूप में पेश कर भोले-भाले श्रद्धालुओं को अपने जाल में फंसाता था। शुरुआती शिकायतों के बाद अब यह सामने आया है कि उसने बड़े पैमाने पर आर्थिक धोखाधड़ी भी की है।
कई पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि अशोक खरात ने उन्हें उनके जीवन की समस्याओं का समाधान करने का भरोसा देकर आर्थिक रूप से ठगा। श्रद्धालुओं से मोटी रकम वसूलने के लिए उसने कथित तौर पर डर और अंधविश्वास का सहारा लिया। इस तरह के आरोप सामने आने के बाद पुलिस को शक है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क भी हो सकता है।
जांच में यह भी सामने आ रहा है कि आरोपी अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर लोगों को मानसिक रूप से प्रभावित करता था। इससे वह लोगों को अपने नियंत्रण में लेकर उनसे अवैध रूप से पैसे ऐंठने में सफल होता था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस पूरे रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच बेहद संवेदनशील है और हर पहलू को ध्यान में रखते हुए गहराई से पड़ताल की जा रही है। अब तक कई लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और आर्थिक लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
स्थानीय स्तर पर इस खुलासे के बाद लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने इस तरह के कथित ढोंगी बाबाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अंधविश्वास का फायदा उठाकर लोगों को ठगने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ा रही है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
यह मामला एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास और उसके दुरुपयोग पर गंभीर सवाल खड़े करता है, जहां कथित साधु-संतों की आड़ में चल रहे अवैध कारोबार का सच सामने आ रहा है।