अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत पर उठे सवाल, वीडियो में देखें अमोल मिटकरी ने जताई साजिश की आशंका
नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के विधायक अमोल मिटकरी ने पार्टी प्रमुख अजित पवार की कथित विमान दुर्घटना में हुई मौत को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने इस हादसे को रहस्यमयी बताते हुए इसकी गहन जांच की मांग की है। मिटकरी ने यहां आयोजित शिव जयंती कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक मंच से कई चौंकाने वाले बयान दिए, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
अमोल मिटकरी ने अपने संबोधन में कहा कि अजित पवार की मौत सामान्य दुर्घटना नहीं हो सकती। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या यह हत्या उसी तरह की गई, जैसे राजीव गांधी की हत्या लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (एलटीटीई) द्वारा की गई थी। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या विमान के कैप्टन सुमित कपूर सुसाइड बॉम्बर बनकर आए थे।
मिटकरी ने आगे कहा कि इस मामले में कई ऐसी बातें सामने आ रही हैं, जो संदेह पैदा करती हैं। उन्होंने कहा कि अगर कैप्टन सुमित कपूर की पत्नी यह दावा कर रही हैं कि वह जिंदा हैं, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या सुमित कपूर वास्तव में इस प्लेन क्रैश में मारे गए या फिर इसके पीछे कोई बड़ा राज छिपा है।
उन्होंने राज्य की स्थिति पर भी सवाल उठाए। मिटकरी ने कहा कि जब इतना बड़ा हादसा हुआ है और एक बड़े नेता की मौत हुई है, तो महाराष्ट्र में शांति क्यों है। उन्होंने कहा कि इस घटना की सच्चाई सामने आनी चाहिए और इसके लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।
गौरतलब है कि 28 जनवरी को महाराष्ट्र के पुणे जिले के बारामती में अजित पवार का विमान क्रैश हो गया था। इस दर्दनाक हादसे में अजित पवार सहित कुल पांच लोगों की मौत हो गई थी। यह घटना उस समय हुई जब पवार किसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए यात्रा कर रहे थे। हादसे के बाद पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई थी और राजनीतिक जगत को बड़ा झटका लगा था।
इस घटना के बाद से ही कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन अब खुद उनकी पार्टी के विधायक द्वारा साजिश की आशंका जताने से मामला और गंभीर हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान से सरकार और जांच एजेंसियों पर दबाव बढ़ सकता है।
हालांकि, अब तक इस हादसे को लेकर किसी आधिकारिक एजेंसी ने साजिश की पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां तकनीकी और अन्य पहलुओं की जांच कर रही हैं।
फिलहाल, अमोल मिटकरी के बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार और जांच एजेंसियां इस मामले में आगे क्या कदम उठाती हैं और क्या इस रहस्यमयी हादसे की पूरी सच्चाई सामने आ पाएगी।