जंतर-मंतर छात्र आंदोलन के बाद युवाओं पर फोकस, BJP-कांग्रेस ने तेज की युवा वोटरों को साधने की कवायद
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के बाद देश की राजनीति में युवा मुद्दों को लेकर सक्रियता बढ़ती दिखाई दे रही है। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ही दल अब युवा पीढ़ी तक अपनी पहुंच मजबूत करने की कोशिश में जुटे हैं। रोजगार, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं से जुड़े दूसरे मुद्दों को लेकर राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज हुई हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार युवाओं से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होकर उनके बीच अपनी बात रख रहे हैं। वे विभिन्न मंचों से युवाओं के मुद्दे उठाते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल भी खड़े कर रहे हैं। कांग्रेस की कोशिश है कि छात्र और युवा वर्ग से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाया जाए।
छात्र आंदोलन के बाद बढ़ी राजनीतिक सक्रियता
जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन के बाद युवा वर्ग की नाराजगी और उनकी मांगों को लेकर राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ी है। छात्र संगठनों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं की ओर से भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा में पारदर्शिता और रोजगार जैसे मुद्दे लगातार उठाए जाते रहे हैं।
कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर है। राहुल गांधी अपने कार्यक्रमों में युवाओं के रोजगार और भविष्य से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठा रहे हैं। पार्टी का प्रयास है कि युवाओं के बीच संगठन की मौजूदगी और संवाद को मजबूत किया जाए।
BJP भी युवा वोटरों पर दे रही जोर
दूसरी ओर भाजपा भी युवा मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी की ओर से युवाओं के लिए सरकार की योजनाओं, रोजगार, स्टार्टअप, शिक्षा और कौशल विकास जैसे मुद्दों को सामने रखा जा रहा है।
आने वाले समय में युवा वोटर राजनीतिक दलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। ऐसे में जंतर-मंतर के छात्र आंदोलन के बाद BJP और कांग्रेस दोनों का युवाओं पर बढ़ता फोकस राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब देखना होगा कि युवा वर्ग से जुड़े मुद्दों को लेकर दोनों दलों की रणनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है और आगामी चुनावों में इसका कितना राजनीतिक असर देखने को मिलता है।