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'अभिजीत दीपके बौद्ध और दलित हैं', CJP संस्थापक के बारे में क्या बोले रामदास आठवले
 

 

केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के अध्यक्ष रामदास आठवले ने कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को लेकर बयान दिया है। असम दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में आठवले ने दीपके की सामाजिक पृष्ठभूमि और राजनीतिक अनुभव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दीपके महाराष्ट्र से हैं, बौद्ध हैं और दलित समाज से आते हैं।

रामदास आठवले ने कहा कि अभिजीत दीपके हाल ही में राजनीति के क्षेत्र में आए हैं। इसके विपरीत वह खुद लंबे समय से दलितों और अन्य पिछड़े वर्गों से जुड़े मुद्दों पर काम करते रहे हैं। उन्होंने दीपके की शिक्षा का भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने अमेरिका में पढ़ाई की है और राजनीतिक क्षेत्र में अभी नए हैं।

आठवले का यह बयान ऐसे समय में आया है जब CJP और उसके संस्थापक अभिजीत दीपके कई मुद्दों को लेकर सरकार और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं। CJP की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। इससे पहले पार्टी ने NEET पेपर लीक के मुद्दे पर तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की थी।

आठवले ने CJP की इस्तीफे की मांगों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पार्टी लगातार अलग-अलग नेताओं और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के इस्तीफे की मांग करती रहती है। इसी को लेकर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि CJP को अपना नाम बदलकर 'इस्तीफा जनता पार्टी' कर लेना चाहिए। यह टिप्पणी उन्होंने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के संदर्भ में की।

अभिजीत दीपके को पहले भी दिया था RPI में शामिल होने का न्योता

रामदास आठवले इससे पहले भी अभिजीत दीपके को अपनी पार्टी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) में शामिल होने का सार्वजनिक निमंत्रण दे चुके हैं। अगस्त 2026 में उन्होंने दीपके के आंदोलनों और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर उनकी भूमिका का जिक्र करते हुए उन्हें पार्टी में आने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि, दीपके ने इस प्रस्ताव पर अलग प्रतिक्रिया देते हुए आठवले से सवाल किया था कि जब पहले उन्हें देशद्रोही कहा जा रहा था तो अब NDA में शामिल होने का न्योता क्यों दिया जा रहा है।

दीपके की भूमिका पर लगातार चर्चा

अभिजीत दीपके हाल के महीनों में छात्र और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलनों के कारण चर्चा में रहे हैं। अगस्त में आठवले ने उनके आंदोलन को लेकर यह भी कहा था कि दीपके पढ़े-लिखे और युवा व्यक्ति हैं तथा सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। साथ ही उन्होंने कहा था कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने और विद्यार्थियों को परेशानी से बचाने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए।

रामदास आठवले के ताजा बयान के बाद एक बार फिर अभिजीत दीपके की सामाजिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि चर्चा में है। हालांकि, दीपके को लेकर आठवले की टिप्पणियां उनके अपने राजनीतिक बयान हैं और CJP की ओर से इन टिप्पणियों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, यह अलग विषय है।