महाराष्ट्र में 82 छात्रों के आधे बाल कटवाए, फुटेज में देंखे खेल रहे बच्चों से नाराज था स्कूल सुपरिटेंडेंट
महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले से सरकारी आश्रम स्कूल में छात्रों के साथ किए गए हैरान करने वाले व्यवहार का मामला सामने आया है। यहां एक स्कूल के 82 छात्रों के आधे बाल काट दिए गए। बताया जा रहा है कि बच्चों के खेलते रहने से नाराज स्कूल के सुपरिटेंडेंट ने कथित तौर पर यह कार्रवाई करवाई। घटना सामने आने के बाद छात्रों के अभिभावकों में नाराजगी फैल गई। स्कूल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सुपरिटेंडेंट को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
यह पूरा मामला चंद्रपुर जिले के चिमूरा तालुका स्थित जंभुलघाट सरकारी सेकेंडरी आश्रम स्कूल का है। जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह आश्रम स्कूल में बच्चों के बाल काटने का काम चल रहा था। इसी दौरान कुछ छात्र वहां खेल रहे थे। बच्चों के इस तरह खेलने से स्कूल के सुपरिटेंडेंट प्रशांत मेश्राम नाराज हो गए।बताया जा रहा है कि गुस्से में आकर सुपरिटेंडेंट ने 82 छात्रों के आधे बाल कटवा दिए। बच्चों के बाल इस तरह काटे जाने की जानकारी जब अभिभावकों को मिली तो उन्होंने नाराजगी जताई। रविवार को मामला सामने आने के बाद स्कूल प्रशासन में भी हड़कंप मच गया।
अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को अनुशासन में रखने के लिए इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है। छात्रों के बाल आधे काटे जाने से बच्चों को भी परेशानी और शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। मामला सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन ने घटना को लेकर स्पष्टीकरण मांगने का फैसला किया।स्कूल के प्रिंसिपल प्रशांत गिरी ने सुपरिटेंडेंट प्रशांत मेश्राम को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस के जरिए उनसे पूछा गया है कि छात्रों के बाल इस तरह क्यों कटवाए गए और इस कार्रवाई के पीछे क्या वजह थी। स्कूल प्रशासन अब सुपरिटेंडेंट के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की तैयारी में है।
वहीं, सुपरिटेंडेंट प्रशांत मेश्राम ने अपना बचाव किया है। उनका कहना है कि छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई के पीछे कोई गलत इरादा नहीं था। उन्होंने दावा किया कि यह फैसला छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए लिया गया था।फिलहाल मामले को लेकर स्कूल प्रशासन की ओर से जांच और स्पष्टीकरण की प्रक्रिया जारी है। 82 छात्रों के बाल आधे काटे जाने की घटना ने सरकारी आश्रम स्कूलों में बच्चों के साथ अनुशासन के नाम पर किए जाने वाले व्यवहार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावक अब इस मामले में उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।