कल्याण के श्री मलंगगढ़ में शुरू हुई 1.2 किलोमीटर लंबी फ्यूनिकुलर सेवा, तीर्थयात्रियों को मिली बड़ी राहत
लंबे समय से प्रतीक्षित श्री मलंगगढ़ फ्यूनिकुलर सेवा का रविवार को भव्य उद्घाटन किया गया और इसे जनता के लिए चालू कर दिया गया। यह सेवा 1.2 किलोमीटर लंबी है और हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों के लिए पूजनीय इस पहाड़ी तीर्थस्थल तक तीर्थयात्रा को अब और अधिक सुविधाजनक बनाने का कार्य करेगी। हिंदू इसे 'मलंगगढ़' के नाम से जानते हैं, जबकि मुस्लिम समुदाय इसे 'हाजी मलंग' के नाम से पूजते हैं।
इस सेवा के शुभारंभ के साथ ही यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। पहले तीर्थस्थल तक पहुंचने के लिए लोगों को पैदल लगभग दो घंटे कठिन रास्तों से यात्रा करनी पड़ती थी। अब फ्यूनिकुलर सेवा की मदद से तीर्थयात्रा केवल 10 मिनट में पूरी की जा सकती है, जिससे तीर्थयात्रियों को भारी राहत मिली है।
स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस फ्यूनिकुलर रेलवे की सुविधा से न केवल तीर्थयात्रियों का समय बचेगा, बल्कि उनकी यात्रा और अधिक सुरक्षित और आरामदायक भी होगी। पहाड़ी मार्गों पर चलने में अक्सर चोट या असुविधा का जोखिम रहता था, लेकिन अब यह जोखिम न्यूनतम हो जाएगा। इसके अलावा, बुजुर्ग और शारीरिक रूप से कमजोर लोग भी अब इस तीर्थस्थल तक आसानी से पहुँच सकेंगे।
फ्यूनिकुलर सेवा का उद्घाटन समारोह सुबह आयोजित किया गया, जिसमें स्थानीय अधिकारी, धर्मगुरु और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। समारोह में अधिकारियों ने कहा कि यह परियोजना सिर्फ एक यातायात सुविधा नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इससे न केवल तीर्थयात्रियों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि क्षेत्र का पर्यटन भी बढ़ेगा।
स्थानीय व्यापारियों और पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों ने भी इस परियोजना का स्वागत किया। उनका कहना है कि फ्यूनिकुलर सेवा शुरू होने के बाद तीर्थस्थल पर आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह परियोजना आधुनिक तकनीक और सुरक्षा मानकों के अनुसार तैयार की गई है। फ्यूनिकुलर में नवीनतम सुरक्षा उपकरण, उच्च क्षमता वाले केबिन और नियमित रखरखाव की व्यवस्था है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है। इसके अलावा, पर्यावरण के प्रति भी ध्यान रखा गया है, ताकि पहाड़ी क्षेत्र का प्राकृतिक सौंदर्य और पारिस्थितिकी संरक्षित रह सके।
इस फ्यूनिकुलर सेवा के शुरू होने से मलंगगढ़ तक तीर्थयात्रा का अनुभव पहले से कहीं अधिक सहज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो गया है। अब तीर्थयात्रियों को लंबी और थकाने वाली पैदल यात्रा नहीं करनी पड़ेगी, बल्कि वे केवल 10 मिनट में अपने गंतव्य तक पहुंच सकते हैं। यह सेवा निश्चित रूप से क्षेत्र के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को बढ़ावा देगी।
स्थानीय प्रशासन ने आने वाले समय में फ्यूनिकुलर सेवा को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए निरंतर निगरानी और सुधार की योजना बनाई है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अनुरोध किया गया है कि वे सफाई और सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए इस सुविधा का उपयोग करें।
फ्यूनिकुलर सेवा के उद्घाटन ने न केवल तीर्थयात्रियों के जीवन को सरल बनाया है, बल्कि मलंगगढ़ क्षेत्र की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन संभावनाओं को भी नई ऊँचाई दी है।