शादी का प्रस्ताव ठुकराने पर युवती को कथित प्रताड़ना, वीडियो में जाने एक दिन में घर पहुंचीं 500 कैब; मामला महिला आयोग तक पहुंचा
भोपाल की एक युवती के लिए शादी का प्रस्ताव ठुकराना बड़ी परेशानी का कारण बन गया। युवती ने उदयपुर के एक युवक पर लगातार मानसिक प्रताड़ना और उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का दावा है कि युवक ने फर्जी तस्वीरें तैयार कराईं, नकली निमंत्रण कार्ड छपवाए और ऑनलाइन कैब बुकिंग के जरिए उसे और उसके परिवार को परेशान किया। मामला अब महिला आयोग तक पहुंच चुका है।
शादी से इनकार के बाद शुरू हुई कथित प्रताड़ना
युवती के अनुसार, उसने युवक के शादी के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया था। इसके बाद युवक कथित तौर पर उसे लगातार परेशान करने लगा। पीड़िता का आरोप है कि पिछले करीब एक वर्ष से वह और उसका परिवार मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं।
एक दिन में घर पहुंचीं सैकड़ों कैब और बाइक
शिकायत के मुताबिक, जनवरी 2026 में युवक ने युवती के पते का इस्तेमाल करते हुए ओला, ऊबर और रैपिडो जैसी सेवाओं पर बड़ी संख्या में फर्जी बुकिंग कराईं। आरोप है कि एक ही दिन में लगभग 500 टैक्सी और बाइक सवार उसके घर पहुंच गए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और परिवार को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
फर्जी तस्वीरें और नकली निमंत्रण कार्ड का आरोप
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि युवक ने उसकी फर्जी तस्वीरें तैयार कर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से प्रसारित करने की कोशिश की। इसके अलावा, कथित तौर पर उसकी गोद भराई के नकली निमंत्रण कार्ड भी छपवाए गए।
चांदी का सिक्का देने का किया गया उल्लेख
शिकायत के अनुसार, इन फर्जी निमंत्रण कार्डों में मेहमानों को चांदी का सिक्का देने का जिक्र किया गया था, ताकि अधिक से अधिक लोग कार्यक्रम में पहुंचें। बाद में ये कार्ड हॉकरों के माध्यम से पूरी कॉलोनी में बांटे गए, जिससे युवती और उसके परिवार को सामाजिक रूप से शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा।
महिला आयोग तक पहुंचा मामला
लगातार बढ़ती परेशानियों के बाद पीड़िता ने मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों और महिला आयोग से की है। आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक जानकारी मांगी है और शिकायत की जांच शुरू कर दी है।
जांच के आधार पर होगी कार्रवाई
अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। डिजिटल रिकॉर्ड, ऑनलाइन बुकिंग से जुड़े डेटा और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।