तेंदुआ शिकार मामले में Wildlife SOS के संचालक कार्तिक सत्यनारायण से 9.5 घंटे पूछताछ, STF कार्यालय पहुंचे
मध्य प्रदेश के शिवपुरी में तेंदुआ शिकार से जुड़े मामले की जांच अब आगे बढ़ रही है। इसी सिलसिले में वाइल्डलाइफ एसओएस के संचालक कार्तिक सत्यनारायण सोमवार को शिवपुरी स्थित एसटीएसएफ कार्यालय पहुंचे। यहां वन प्रशासन की विशेष कार्य बल (STSF) की टीम ने उनसे करीब साढ़े नौ घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ की प्रक्रिया सुबह 11 बजे शुरू हुई और रात करीब 8:30 बजे तक चली।
कार्तिक सत्यनारायण के एसटीएसएफ कार्यालय पहुंचने के बाद इस मामले को लेकर जांच एजेंसी की गतिविधियां तेज होने की चर्चा है। टीम ने तेंदुए के शिकार से जुड़े मामले में उनसे कई बिंदुओं पर जानकारी ली। हालांकि पूछताछ के दौरान उनसे किन-किन सवालों के जवाब लिए गए, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
सुबह 11 बजे शुरू हुई पूछताछ
जानकारी के मुताबिक कार्तिक सत्यनारायण सोमवार सुबह करीब 11 बजे शिवपुरी स्थित एसटीएसएफ कार्यालय पहुंचे। इसके बाद वन प्रशासन की विशेष कार्य बल की टीम ने उनसे पूछताछ शुरू की। जांच अधिकारियों ने मामले से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर उनसे सवाल किए।
करीब साढ़े नौ घंटे तक चली पूछताछ के दौरान टीम ने मामले के अलग-अलग पहलुओं को समझने का प्रयास किया। पूछताछ रात करीब 8:30 बजे तक चली। इतने लंबे समय तक चली पूछताछ के कारण मामला चर्चा में रहा।
तेंदुआ शिकार मामले की जांच जारी
यह मामला तेंदुए के कथित शिकार से जुड़ा हुआ है। वन विभाग की टीम मामले में अलग-अलग स्तर पर जांच कर रही है। वन्यजीव अपराधों में जांच के दौरान शिकार की परिस्थितियों, वन्यजीव से जुड़े साक्ष्यों और मामले से संबंधित लोगों की भूमिका की जानकारी जुटाई जाती है।
एसटीएसएफ की टीम भी मामले में उपलब्ध तथ्यों की पड़ताल कर रही है। इसी क्रम में कार्तिक सत्यनारायण से पूछताछ की गई है। जांच एजेंसी की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि पूछताछ के दौरान क्या जानकारी सामने आई है।
जांच के बाद सामने आएगी तस्वीर
वाइल्डलाइफ एसओएस वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था है और कार्तिक सत्यनारायण इसके प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। उनके एसटीएसएफ कार्यालय पहुंचने और लंबी पूछताछ के बाद अब मामले की जांच को लेकर आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
वन विभाग की ओर से मामले में जुटाए जा रहे साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल करीब साढ़े नौ घंटे चली पूछताछ के संबंध में अधिकारियों की ओर से विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। जांच पूरी होने के बाद ही तेंदुआ शिकार मामले में पूरी तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।