‘छात्रों की गूंज’ जहां-जहां पहुंची, वहां पेंच: इंदौर में पहले मैदान बदला, फिर शुल्क, अब 31 शर्तें; कांग्रेस ने कहा- कार्यक्रम रोकने की कोशिश
इंदौर में कांग्रेस के छात्र संगठन से जुड़े प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि कार्यक्रम आयोजित करने में लगातार अड़चनें पैदा की जा रही हैं। पार्टी के मुताबिक पहले कार्यक्रम के लिए तय मैदान बदला गया, इसके बाद शुल्क को लेकर स्थिति बदली और अब आयोजन की अनुमति के लिए 31 शर्तें सामने रखी गई हैं। कांग्रेस ने इसे कार्यक्रम को प्रभावित करने की कोशिश बताया है।
पहले बदला गया कार्यक्रम स्थल
कांग्रेस की ओर से आयोजित किए जाने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर शुरुआत से ही विवाद सामने आ रहा है। पार्टी नेताओं के अनुसार, कार्यक्रम के लिए पहले एक मैदान तय किया गया था, लेकिन बाद में आयोजन स्थल बदलने की बात सामने आई। इसके बाद कार्यक्रम को दूसरे स्थान पर आयोजित करने की तैयारी की गई।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आयोजन को लेकर प्रशासन से लगातार संपर्क किया जा रहा था। इसी बीच शुल्क और अनुमति से जुड़ी नई शर्तें सामने आने लगीं। पार्टी का आरोप है कि कार्यक्रम से ठीक पहले नियमों में बदलाव किए जाने से तैयारियों पर असर पड़ा है।
शुल्क के बाद अब 31 शर्तें
कांग्रेस के मुताबिक मैदान बदलने के बाद कार्यक्रम के लिए निर्धारित शुल्क को लेकर भी पेंच सामने आया। अब आयोजन की अनुमति से जुड़ी 31 शर्तें रखे जाने की बात कही जा रही है। इन शर्तों में कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात और आयोजन से जुड़े विभिन्न प्रावधान शामिल बताए जा रहे हैं।
कांग्रेस का कहना है कि किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए प्रशासनिक नियमों का पालन किया जाना चाहिए, लेकिन कार्यक्रम से ठीक पहले लगातार नई अड़चनें सामने आना सवाल खड़े करता है।
कांग्रेस बोली- कल का कार्यक्रम रोकने की कोशिश
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि इन सभी प्रक्रियाओं के जरिए अगले दिन होने वाले कार्यक्रम को रोकने या प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। पार्टी का कहना है कि छात्र कार्यक्रम में शामिल होने के लिए तैयार हैं और आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी की जा रही थीं।
कांग्रेस ने प्रशासन से कार्यक्रम के लिए स्पष्ट अनुमति और व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि छात्रों से जुड़े कार्यक्रम को लेकर अनावश्यक बाधाएं नहीं खड़ी की जानी चाहिए।
प्रशासनिक पक्ष का इंतजार
मामले में प्रशासन की ओर से रखी गई 31 शर्तों और कार्यक्रम स्थल व शुल्क में बदलाव को लेकर आधिकारिक स्थिति सामने आना बाकी है। ऐसे में फिलहाल विवाद का केंद्र कार्यक्रम की अनुमति और आयोजन की व्यवस्थाएं बनी हुई हैं।
राजनीतिक दलों के आरोपों के बीच अब नजर इस बात पर है कि निर्धारित कार्यक्रम आयोजित हो पाता है या नहीं।