सीहोर में बदला मौसम का मिजाज: जिले में 0.58 इंच औसत बारिश, भैरूंदा में सबसे ज्यादा बरसे बादल
सीहोर जिले में बुधवार 12 अगस्त की सुबह से मौसम का मिजाज बदला हुआ रहा। जिले के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर देखने को मिला। कई इलाकों में सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और रुक-रुककर बारिश होती रही। बारिश के कारण मौसम में ठंडक घुली और लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिली।
भू-अभिलेख विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को जिले में 0.58 इंच औसत बारिश रिकॉर्ड की गई। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश की मात्रा में अंतर रहा। सबसे ज्यादा बारिश भैरूंदा क्षेत्र में दर्ज की गई। बारिश के बाद खेतों में भी नमी बढ़ी है, जिससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
भैरूंदा में सबसे ज्यादा बारिश
जिले में हुई बारिश में भैरूंदा क्षेत्र सबसे आगे रहा। यहां अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक बारिश दर्ज की गई। सुबह से मौसम में बदलाव के बाद बारिश का दौर शुरू हुआ और कई स्थानों पर अच्छी बारिश हुई।
ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश को खेती के लिए उपयोगी माना जा रहा है। इस समय खरीफ फसलों के लिए खेतों में पर्याप्त नमी जरूरी है। बारिश होने से फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
शहर में भी हुई बारिश
सीहोर शहर में भी बुधवार सुबह से मौसम बदला हुआ नजर आया। आसमान में बादल छाए रहे और बीच-बीच में बारिश होती रही। बारिश के कारण तापमान में गिरावट महसूस की गई। हालांकि कुछ समय बाद बारिश थम गई, लेकिन आसमान में बादलों की मौजूदगी बनी रही।
बारिश के बाद सड़कों और आसपास के इलाकों में पानी नजर आया। लोगों को उमस से कुछ राहत मिली। मौसम के बदले मिजाज के बीच जिले के अन्य हिस्सों में भी बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
किसानों को मिली राहत
सीहोर जिले में खेती काफी हद तक मानसून की बारिश पर निर्भर रहती है। ऐसे में बारिश का हर दौर किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। बुधवार को हुई बारिश से खेतों में नमी बढ़ी है। जिन क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से बारिश कम हुई थी, वहां इस बारिश से किसानों को राहत मिली है।
हालांकि जिले में बारिश का वितरण समान नहीं रहा। कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई, जबकि भैरूंदा क्षेत्र में अपेक्षाकृत ज्यादा पानी बरसा। किसानों की नजर अब आने वाले दिनों में होने वाली बारिश पर टिकी हुई है।
फिलहाल सीहोर जिले में मानसून सक्रिय नजर आ रहा है। बुधवार को हुई 0.58 इंच औसत बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। अगर आने वाले दिनों में बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो किसानों को खरीफ फसलों के लिए और राहत मिल सकती है।