व्योम-नीरा 439 हेक्टेयर के बाड़े में छोड़े गए: नौरादेही में बाघ-तेंदुए और भेड़ियों के बीच रहेंगे चीते
मध्य प्रदेश के नौरादेही अभयारण्य में चीता संरक्षण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। यहां चीते व्योम और नीरा को 439 हेक्टेयर क्षेत्र में बनाए गए विशेष बाड़े में छोड़ा गया है। अब दोनों चीते इस बड़े बाड़े में प्राकृतिक माहौल के बीच रहेंगे। खास बात यह है कि इस क्षेत्र में बाघ, तेंदुए और भेड़िए जैसे वन्यजीव भी मौजूद हैं।
व्योम और नीरा को बड़े बाड़े में छोड़ने का उद्देश्य उन्हें खुले और प्राकृतिक वातावरण के अनुरूप ढालना है। इससे चीतों की गतिविधियों और उनके व्यवहार पर भी नजर रखी जाएगी।
439 हेक्टेयर में होगा मूवमेंट
नौरादेही में तैयार किए गए 439 हेक्टेयर के बाड़े में चीतों को पर्याप्त जगह मिलेगी। छोटे बाड़े की तुलना में इस क्षेत्र में उन्हें ज्यादा प्राकृतिक परिस्थितियां उपलब्ध होंगी। चीतों के लिए यहां शिकार की उपलब्धता, भोजन, पानी और उनके स्वास्थ्य से जुड़े पहलुओं की लगातार निगरानी की जाएगी।
व्योम और नीरा की गतिविधियों पर वन विभाग और विशेषज्ञों की टीम नजर रखेगी। उनके स्वास्थ्य, शिकार करने की क्षमता और दूसरे वन्यजीवों के साथ व्यवहार का भी अध्ययन किया जाएगा।
बाघ-तेंदुओं के बीच रहेंगे चीते
नौरादेही क्षेत्र में पहले से ही कई तरह के वन्यजीव मौजूद हैं। यहां बाघ और तेंदुए के साथ भेड़िए भी पाए जाते हैं। ऐसे में चीतों को इस वातावरण में रखना वन्यजीव प्रबंधन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विशेषज्ञ यह देखेंगे कि चीते दूसरे मांसाहारी वन्यजीवों की मौजूदगी में किस तरह अपना क्षेत्र और व्यवहार विकसित करते हैं। चीतों की सुरक्षा के लिए निगरानी व्यवस्था भी मजबूत रखी जाएगी।
चीतों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की कोशिश
चीता संरक्षण परियोजना के तहत भारत में चीतों के लिए उपयुक्त आवास विकसित किए जा रहे हैं। नौरादेही को भी चीतों के लिए संभावित उपयुक्त क्षेत्रों में शामिल किया गया है। यहां पर्याप्त वन क्षेत्र और प्राकृतिक परिस्थितियां चीतों के लिए बेहतर आवास उपलब्ध कराने में मदद कर सकती हैं।
व्योम और नीरा के नए बाड़े में पहुंचने के बाद अब उनकी अनुकूलन प्रक्रिया पर विशेष नजर रहेगी। विशेषज्ञों की रिपोर्ट और चीतों के व्यवहार के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। नौरादेही में चीतों की मौजूदगी से क्षेत्र में वन्यजीव पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।