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कुलगुरु पर ‘झांसी दरबार’ चलाने के आरोप: 230 में से 120 पेपर सेटर झांसी के, गलतियों के चलते परीक्षा तक करनी पड़ी रद्द

 

एक विश्वविद्यालय में पेपर सेटर की नियुक्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि कुलगुरु के कार्यकाल में परीक्षा से जुड़े कामों में झांसी के लोगों को प्राथमिकता दी गई। दावा किया जा रहा है कि कुल 230 पेपर सेटर में से 120 झांसी के थे। परीक्षा के प्रश्नपत्रों में इतनी गलतियां सामने आईं कि एक परीक्षा को रद्द करना पड़ा।

इस पूरे मामले को लेकर विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था और पेपर सेटर के चयन की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि पेपर तैयार करने के लिए विशेषज्ञों के चयन में क्षेत्रीय संतुलन और योग्यता के बजाय कुछ खास लोगों को प्राथमिकता दी गई। इसी वजह से बड़ी संख्या में झांसी के पेपर सेटर नियुक्त किए जाने का मुद्दा चर्चा में है।

230 में से 120 पेपर सेटर झांसी के होने का दावा

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय में कुल 230 पेपर सेटर नियुक्त किए गए थे। इनमें से 120 झांसी के बताए जा रहे हैं। इस आंकड़े के सामने आने के बाद नियुक्तियों की पारदर्शिता और चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, पेपर सेटर की सूची और उनके चयन के आधार से जुड़ी आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।

प्रश्नपत्रों की गलतियों से परीक्षा व्यवस्था पर सवाल

मामले में सबसे गंभीर बात प्रश्नपत्रों में गलतियां सामने आने की है। बताया गया है कि गलतियों के कारण एक परीक्षा को रद्द करना पड़ा। परीक्षा रद्द होने से विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और विश्वविद्यालय की परीक्षा तैयारियों पर भी सवाल खड़े हुए।

प्रश्नपत्र तैयार करने में लापरवाही के आरोपों के बीच यह जानना जरूरी है कि पेपर सेटर की विशेषज्ञता की जांच किस आधार पर की गई थी और प्रश्नपत्रों की अंतिम जांच की जिम्मेदारी किसकी थी।

फिलहाल कुलगुरु पर लगाए गए आरोपों और पेपर सेटर की नियुक्तियों को लेकर आधिकारिक पक्ष की विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। पूरे मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन का जवाब और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।