गुना जिला अस्पताल में 11 साल की बच्ची की मौत पर हंगामा, दादा गोद में शव लेकर वार्ड से नीचे आए; सड़क पर प्रदर्शन
मध्य प्रदेश के गुना जिला अस्पताल में 11 साल की बच्ची की मौत के बाद मंगलवार शाम परिजनों ने जमकर हंगामा किया। बच्ची की मौत से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए और अस्पताल के बाहर सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान सबसे मार्मिक तस्वीर तब सामने आई, जब बच्ची के दादा उसका शव गोद में लेकर अस्पताल के वार्ड से नीचे आए।
जानकारी के अनुसार, बच्ची की तबीयत खराब होने के बाद उसे उपचार के लिए गुना जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान मंगलवार को उसकी मौत हो गई। बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिवार के लोग अस्पताल में जुट गए। परिजनों ने इलाज और अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
इसके बाद बच्ची के दादा शव को अपनी गोद में लेकर वार्ड से नीचे आए। यह दृश्य देखकर अस्पताल में मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। परिजनों ने बच्ची का शव अस्पताल के बाहर सड़क पर रख दिया और प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए अस्पताल परिसर के बाहर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
परिजनों का आरोप था कि बच्ची के इलाज में लापरवाही बरती गई। उनका कहना था कि समय पर उचित उपचार और जरूरी चिकित्सकीय सुविधा मिलती तो बच्ची की जान बचाई जा सकती थी। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह और इलाज में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
हंगामे की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। तहसीलदार ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने मामले की जांच कराने और उचित कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद स्थिति को शांत कराने की कोशिश की गई।
अस्पताल प्रशासन की ओर से भी मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। बच्ची का इलाज करने वाले डॉक्टरों से जानकारी लेने के साथ मेडिकल रिकॉर्ड की जांच की जा सकती है। प्रशासन यह पता लगाने का प्रयास करेगा कि बच्ची को किस हालत में अस्पताल लाया गया था और उपचार के दौरान किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई।
बच्ची की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजन मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा।
घटना ने एक बार फिर जिला अस्पतालों में इलाज और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन मामले की जांच में जुटा है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तथा मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर बच्ची की मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।