भोपाल निगम की MIC बैठक में हंगामा: अनुदान और दुर्गा-गणेश पंडाल शेड पर रोक को लेकर आयुक्त से भिड़े सदस्य
भोपाल नगर निगम की मेयर इन कौंसिल (MIC) की बैठक बुधवार को हंगामेदार रही। बैठक में अनुदान राशि और दुर्गा-गणेश उत्सव के लिए पंडाल शेड निर्माण पर रोक लगाने के मुद्दे को लेकर MIC सदस्यों और नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन के बीच तीखी बहस हुई।
बैठक के दौरान MIC सदस्यों ने निगम प्रशासन के फैसले पर आपत्ति जताई और कहा कि समितियों को दिए जाने वाले अनुदान का प्रावधान पहले ही नगर निगम के बजट में मंजूर किया जा चुका है। ऐसे में इस पर रोक लगाने का निर्णय उचित नहीं है।
बजट में प्रावधान होने का दिया हवाला
MIC सदस्य जितेंद्र शुक्ला और सुषमा बवीसा ने बैठक में कहा कि विभिन्न समितियों को अनुदान देने की व्यवस्था निगम बजट में पहले से शामिल है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बजट में राशि का प्रावधान किया गया है तो बाद में इस पर रोक क्यों लगाई जा रही है।
सदस्यों ने कहा कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों के लिए पंडाल शेड जैसी व्यवस्थाएं लंबे समय से की जाती रही हैं। इस तरह के निर्णय लेने से पहले जनप्रतिनिधियों से चर्चा की जानी चाहिए।
आयुक्त ने नियमों का दिया हवाला
वहीं, नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने प्रशासनिक नियमों और व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि निगम के सभी कार्य नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही किए जाएंगे।
बैठक में दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक चर्चा होती रही। सदस्यों ने कहा कि जनता से जुड़े विषयों पर निगम को संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए।
उत्सवों की तैयारियों पर उठे सवाल
दुर्गा उत्सव और गणेश उत्सव के दौरान शहर में बड़ी संख्या में पंडाल लगाए जाते हैं। ऐसे में पंडाल शेड निर्माण पर रोक का मुद्दा MIC बैठक में प्रमुखता से उठा। सदस्यों ने कहा कि त्योहारों के समय आयोजकों को सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है।
बैठक में इस विषय पर आगे की कार्रवाई और नियमों के अनुसार समाधान निकालने पर चर्चा की गई।
MIC बैठक में बढ़ी राजनीतिक गर्मी
नगर निगम की बैठक में हुए इस विवाद के बाद शहर की राजनीति भी गरमा गई है। MIC सदस्यों और निगम प्रशासन के बीच मतभेद सामने आने के बाद अब सभी की नजर आगे होने वाले निर्णयों पर है।
बैठक में कई अन्य विकास और प्रशासनिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई, लेकिन अनुदान और पंडाल शेड का मामला सबसे ज्यादा चर्चा में रहा।