जबलपुर जिला कोर्ट में ट्विशा शर्मा मौत मामले की सुनवाई के दौरान हंगामा, पीड़ित पक्ष ने उठाए गंभीर सवाल
22 मई, शुक्रवार को जबलपुर जिला अदालत में ट्विशा शर्मा मौत मामले की सुनवाई के दौरान माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। सुनवाई के दौरान कोर्ट परिसर में हंगामे जैसी स्थिति बन गई, जिसके चलते कार्यवाही कुछ समय के लिए प्रभावित हुई। यह मामला पहले से ही संवेदनशील माना जा रहा है, और ताज़ा घटनाक्रम के बाद इसकी गंभीरता और बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने अदालत में मौजूद व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि सुनवाई के दौरान धक्कामुक्की जैसी स्थिति बनी और कोर्ट रूम में आरोपी समर्थ सिंह की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए गए। वकील ने इस पर गंभीर आपत्ति दर्ज करते हुए अदालत की कार्यवाही की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर चिंता जताई।
पीड़ित पक्ष के वकील ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी समर्थ सिंह को कोर्ट रूम में सामान्य तरीके से बैठाकर रखा गया, जिससे पीड़ित परिवार और उनके प्रतिनिधियों में असंतोष की स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सुरक्षा और प्रक्रिया को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
मामले को और गंभीर बनाते हुए वकील अनुराग श्रीवास्तव ने इस पूरे प्रकरण में उच्च न्यायपालिका से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से इस मामले में संज्ञान लेने की अपील की है, ताकि सुनवाई प्रक्रिया को निष्पक्ष और व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया जा सके।
इस घटनाक्रम के बाद अदालत परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि संवेदनशील मामलों में कोर्ट रूम की व्यवस्था और पक्षकारों की उपस्थिति को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देशों का पालन बेहद जरूरी होता है, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या टकराव की स्थिति न बने।
वहीं, स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर लोगों में भी चर्चा का माहौल है। कई लोग न्याय प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक अदालत या प्रशासन की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
फिलहाल मामला न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है और अगली सुनवाई में इस प्रकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार किए जाने की संभावना है। अदालत की अगली कार्यवाही पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।