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शिप्रा को स्वच्छ रखने के लिए रामघाट पर अनोखी पहल, दक्षिणा की जगह लिया जा रहा नदी स्वच्छता का संकल्प

 

शिप्रा सहित देशभर की नदियों और तालाबों को प्रदूषण मुक्त रखने के उद्देश्य से उज्जैन के रामघाट पर तीर्थ पुरोहितों ने एक अनूठी पहल शुरू की है। अब पूजा और आरती के बाद श्रद्धालुओं से नकद दक्षिणा लेने के बजाय उनसे नदी स्वच्छता का संकल्प लिया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, रामघाट पर होने वाली नियमित पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों के बाद पुरोहित श्रद्धालुओं को नदियों की स्वच्छता और संरक्षण का संदेश दे रहे हैं। इस पहल के तहत श्रद्धालुओं को यह संकल्प दिलाया जा रहा है कि वे किसी भी नदी या जल स्रोत को गंदा नहीं करेंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहल

तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि नदियां केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं हैं, बल्कि जीवन का आधार भी हैं। ऐसे में उनका संरक्षण और स्वच्छता बेहद जरूरी है। इस पहल का उद्देश्य लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

श्रद्धालुओं में सकारात्मक संदेश

रामघाट पर आने वाले श्रद्धालुओं ने इस पहल का स्वागत किया है। कई लोगों ने इसे धार्मिक परंपरा और पर्यावरण संरक्षण का बेहतर संगम बताया है। श्रद्धालुओं का मानना है कि इससे लोगों में नदियों को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी की भावना और मजबूत होगी।

देशभर में लागू करने की अपील

पुरोहितों और स्थानीय लोगों ने इस मॉडल को देश के अन्य तीर्थ स्थलों पर भी लागू करने की अपील की है, ताकि नदियों और जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाया जा सके।