MP में अनोखा अभियान: जंगल बचाने के लिए कीड़ों का सिर खरीद रहा वन विभाग, फुटेज में देंखे 2 रुपए प्रति सिर दे रहा इनाम; अब तक 10 लाख कीड़े पकड़े गए
मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले में जंगलों को बचाने के लिए वन विभाग ने एक अनोखा अभियान शुरू किया है। साल (सरई) के पेड़ों को नुकसान पहुंचा रहे साल बोरर कीटों को खत्म करने के लिए विभाग ग्रामीणों से इन कीड़ों को पकड़वा रहा है और इनके सिर खरीद रहा है। वन विभाग साल बोरर कीट का एक सिर लाने पर ग्रामीणों को 2 रुपए का भुगतान कर रहा है। इस अभियान के तहत अब तक करीब 10 लाख कीड़ों के सिर जमा किए जा चुके हैं। इसके बदले ग्रामीणों को लगभग 20 लाख रुपए का भुगतान किया जाएगा।
30 हजार हेक्टेयर जंगल कीट से प्रभावित
दरअसल, डिंडौरी जिले के जंगलों में साल बोरर कीट का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है। इस कीट ने बड़ी संख्या में साल के पेड़ों को नुकसान पहुंचाया है।वन विभाग के अनुसार, पूर्व करंजिया, पश्चिम करंजिया, दक्षिण समनापुर और बजाग वन परिक्षेत्र के करीब 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में लगे साल के पेड़ इस कीट से प्रभावित हैं।कीट पेड़ों के अंदर घुसकर उन्हें कमजोर कर देता है, जिससे पेड़ों के सूखने और खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।
भारत सरकार की अनुमति के बाद होगी पेड़ों की कटाई
जंगलों को बचाने के लिए वन विभाग ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी की है। हालात गंभीर होने के कारण भारत सरकार से अनुमति मिलने के बाद जिले में प्रभावित 1 लाख 46 हजार 784 साल के पेड़ों की कटाई की जाएगी।वन विभाग का उद्देश्य संक्रमित पेड़ों को हटाकर स्वस्थ जंगलों को बचाना है, ताकि कीट का प्रकोप आगे न फैल सके।
20 जून से चल रहा अभियान
साल बोरर कीटों की संख्या कम करने के लिए वन विभाग ने ग्रामीणों की मदद से विशेष अभियान शुरू किया है। यह अभियान 20 जून से लगातार चल रहा है।ग्रामीण जंगल और आसपास के क्षेत्रों से कीटों को पकड़कर वन विभाग के कार्यालय में जमा कर रहे हैं। इसके बाद विभाग की ओर से प्रत्येक व्यक्ति द्वारा जमा किए गए कीड़ों की अलग-अलग एंट्री की जा रही है।
कीड़ों के सिरों की बनाई जा रही माला
अभियान के दौरान ग्रामीणों ने पकड़े गए कीड़ों के सिरों की माला बनाकर वन विभाग कार्यालय में जमा कराई है। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया से कीटों की संख्या का रिकॉर्ड रखने में भी मदद मिल रही है।प्रत्येक ग्रामीण द्वारा जमा किए गए कीड़ों की संख्या दर्ज की जा रही है, जिसके आधार पर भुगतान किया जाएगा।
ग्रामीणों को रोजगार और जंगल संरक्षण दोनों का फायदा
वन विभाग का मानना है कि इस अभियान से एक ओर जहां साल के जंगलों को बचाने में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों को अतिरिक्त आय का साधन भी मिलेगा।डिंडौरी के साल वन क्षेत्र को जैव विविधता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में विभाग की कोशिश है कि समय रहते साल बोरर कीट के प्रभाव को नियंत्रित किया जाए और जंगलों को बड़े नुकसान से बचाया जा सके।