उज्जैन के ज्ञानदास महाराज का ओंकारेश्वर कनेक्शन, 15 साल पहले बनाई थी कुटिया; साध्वी साधना दास ने दूरी बनाने की बात कही
उज्जैन के दादू आश्रम के महामंडलेश्वर ज्ञानदास महाराज का ओंकारेश्वर कनेक्शन सामने आया है। जानकारी के अनुसार, करीब 15 साल पहले ज्ञानदास महाराज ओंकारेश्वर पहुंचे थे और यहां के ब्रह्मपुरी क्षेत्र में एक कुटिया का निर्माण कराया था। हालांकि, वर्तमान में उस आश्रम का संचालन कर रहीं साध्वी साधना दास (50) ने कहा है कि अब उनका ज्ञानदास महाराज से कोई संबंध नहीं है।
बताया जा रहा है कि ज्ञानदास महाराज लंबे समय पहले ओंकारेश्वर आए थे। धार्मिक गतिविधियों के लिए उन्होंने ब्रह्मपुरी क्षेत्र में कुटिया बनाई थी। समय के साथ यह स्थान आश्रम के रूप में विकसित हुआ। स्थानीय स्तर पर यह आश्रम धार्मिक गतिविधियों का केंद्र भी रहा है।
वर्तमान में आश्रम की देखरेख साध्वी साधना दास कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब उनका ज्ञानदास महाराज से कोई संपर्क या संबंध नहीं है। साध्वी ने कहा कि आश्रम की वर्तमान व्यवस्था और संचालन अलग रूप से किया जा रहा है।
ज्ञानदास महाराज का नाम सामने आने के बाद ओंकारेश्वर स्थित इस आश्रम को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ वर्ष पहले तक ज्ञानदास महाराज का यहां आना-जाना रहा था। हालांकि, वर्तमान स्थिति में आश्रम और उनके बीच संबंधों को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं।
धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में अक्सर संतों और आश्रमों के पुराने संबंध चर्चा में आते रहते हैं। इसी क्रम में ज्ञानदास महाराज का ओंकारेश्वर से जुड़ा यह पुराना कनेक्शन अब सामने आया है।
फिलहाल साध्वी साधना दास के बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि वर्तमान में वह आश्रम की जिम्मेदारी संभाल रही हैं और ज्ञानदास महाराज से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार कर रही हैं। वहीं, इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी जानकारी जुटाई जा रही है।
ओंकारेश्वर धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से देशभर में प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। यहां बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में किसी भी संत या आश्रम से जुड़ी जानकारी सामने आने पर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की रुचि बढ़ जाती है।