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उज्जैन बनेगा कैंसर दवाइयों का हब, विक्रम उद्योगपुरी से सेंट्रल इंडिया समेत कई राज्यों में पहुंच रही मेडिसिन

 

मध्य प्रदेश का उज्जैन अब धार्मिक पहचान के साथ-साथ मेडिकल और फार्मास्युटिकल क्षेत्र में भी नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है। शहर स्थित विक्रम उद्योगपुरी में कैंसर और हार्ट से जुड़ी विशेष दवाइयों का निर्माण किया जा रहा है। खास बात यह है कि यहां तैयार होने वाली कई दवाइयां सेंट्रल इंडिया के अन्य क्षेत्रों में कहीं और नहीं बनाई जा रही हैं। उज्जैन में बन रही इन मेडिसिन की मांग लगातार बढ़ रही है। यहां तैयार होने वाली दवाइयां अब मध्य प्रदेश के बड़े शहरों के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़ सहित कई अन्य राज्यों में भी भेजी जा रही हैं। इससे उज्जैन फार्मास्युटिकल सेक्टर में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है।

विक्रम उद्योगपुरी में स्थापित फार्मा यूनिट्स में आधुनिक तकनीक के जरिए कैंसर और हृदय रोग से जुड़ी दवाइयों का उत्पादन किया जा रहा है। इन दवाइयों का उपयोग गंभीर बीमारियों के इलाज में किया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी दवाओं का निर्माण बेहद संवेदनशील प्रक्रिया होती है, जिसमें गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाता है।कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाइयों की मांग देशभर में लगातार बढ़ रही है। ऐसे में उज्जैन में इनका निर्माण होना प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे न केवल मरीजों को दवाइयां आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी, बल्कि फार्मा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

विक्रम उद्योगपुरी को औद्योगिक विकास के लिए विकसित किया गया है। यहां अलग-अलग क्षेत्रों की कंपनियां निवेश कर रही हैं। अब फार्मास्युटिकल उद्योग के विस्तार से उज्जैन की औद्योगिक पहचान और मजबूत होने की संभावना है।जानकारों का कहना है कि यदि फार्मा सेक्टर में निवेश और सुविधाओं का विस्तार जारी रहा तो उज्जैन आने वाले समय में मध्य भारत के बड़े मेडिकल मैन्युफैक्चरिंग केंद्रों में शामिल हो सकता है। इससे प्रदेश को दवा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने में भी मदद मिलेगी।

स्थानीय स्तर पर भी इस विकास को सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। उद्योगों के बढ़ने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े अन्य व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा।उज्जैन का यह नया स्वरूप शहर की पारंपरिक धार्मिक पहचान के साथ आधुनिक औद्योगिक विकास की दिशा में बढ़ते कदम को दर्शाता है। आने वाले समय में कैंसर और हार्ट संबंधी दवाओं के निर्माण के क्षेत्र में उज्जैन की भूमिका और महत्वपूर्ण होने की उम्मीद जताई जा रही है।