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उज्जैन खड़े हनुमान मंदिर मामला: प्रतिमा नहीं हटने के वीडियो वायरल, प्रशासन ने जांच के लिए विशेषज्ञों की ली मदद

 

शहर के सती गेट के पास स्थित प्रसिद्ध खड़े हनुमान मंदिर को हटाने की कार्रवाई इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। मंदिर हटाने की प्रक्रिया से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इनमें प्रतिमा को हटाने के प्रयास और उसके नहीं हिलने की बातें सामने आ रही हैं।सोशल मीडिया पर भक्तों के बीच यह दावा भी किया जा रहा है कि भगवान हनुमान की प्रतिमा चमत्कारिक रूप से अपनी जगह से नहीं हिली। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की तकनीकी जांच कराई जा रही है।

सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाने की कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण कार्य के तहत सती गेट क्षेत्र में स्थित खड़े हनुमान मंदिर के ढांचे को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई थी।प्रशासन की टीम ने जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मंदिर परिसर को हटाने का प्रयास किया, लेकिन प्रतिमा को हटाने में सफलता नहीं मिली।

प्रतिमा की गहराई की जांच कर रहे विशेषज्ञ

लगातार प्रयास के बाद प्रशासन ने मामले की तकनीकी जांच के लिए विशेषज्ञों की मदद लेने का फैसला किया है। इसके तहत आईआईटी इंदौर की टीम को बुलाया गया।विशेषज्ञों ने आधुनिक उपकरणों की मदद से प्रतिमा की गहराई और उसके आसपास की जमीन की स्थिति की जांच की है। टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि प्रतिमा जमीन में कितनी गहराई तक स्थापित है और इसे सुरक्षित तरीके से हटाया जा सकता है या नहीं।

भक्त मान रहे हैं धार्मिक संकेत

खड़े हनुमान मंदिर से लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। श्रद्धालु भगवान हनुमान की प्रतिमा को ‘डॉक्टर हनुमान’ के नाम से भी जानते हैं।स्थानीय मान्यता है कि यहां दर्शन और पूजा करने से बीमारियों और परेशानियों से राहत मिलती है। इसी वजह से प्रतिमा का नहीं हटना कई भक्तों के लिए आस्था और विश्वास का विषय बन गया है।

प्रशासन देगा विशेषज्ञ रिपोर्ट के आधार पर फैसला

अधिकारियों का कहना है कि प्रतिमा को लेकर कोई भी निर्णय विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा। प्रशासन की प्राथमिकता प्रतिमा और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए सुरक्षित प्रक्रिया अपनाना है।फिलहाल मंदिर हटाने की कार्रवाई और विशेषज्ञों की जांच रिपोर्ट को लेकर लोगों की नजरें बनी हुई हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के कारण यह मामला लगातार चर्चा में है।