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स्वास्थ्य विभाग में अटैचमेंट खत्म करने में उज्जैन संभाग प्रदेश में सबसे आगे, भोपाल-इंदौर भी पीछे

 

मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में अटैचमेंट खत्म करने की कार्रवाई के दौरान उज्जैन संभाग का आंकड़ा पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा सामने आया है। इस मामले में राजधानी भोपाल और प्रदेश के बड़े संभाग इंदौर भी उज्जैन से पीछे रहे हैं। विभाग की इस कार्रवाई के तहत लंबे समय से मूल पदस्थापना से अलग दूसरे स्थानों पर अटैच कर्मचारियों को वापस उनके मूल कार्यस्थल पर भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों की अटैचमेंट व्यवस्था लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। कई कर्मचारी अपनी मूल पदस्थापना के बजाय दूसरे अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों या कार्यालयों में काम कर रहे थे। इससे कई जगहों पर कर्मचारियों की उपलब्धता और कामकाज के संतुलन को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

उज्जैन संभाग में सबसे ज्यादा कार्रवाई

अटैचमेंट खत्म करने की कार्रवाई में उज्जैन संभाग का आंकड़ा सबसे अधिक बताया जा रहा है। प्रदेश के अन्य संभागों की तुलना में यहां सबसे ज्यादा कर्मचारियों को उनके मूल पदस्थापना स्थल पर भेजने की कार्रवाई हुई है। वहीं, भोपाल और इंदौर जैसे बड़े संभाग इस मामले में पीछे रहे।

इस कार्रवाई का उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों में कर्मचारियों की उपलब्धता को बेहतर करना और मूल पदस्थापना के अनुसार कामकाज सुनिश्चित करना है। विभाग की कोशिश है कि जिन अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में कर्मचारियों की जरूरत है, वहां पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध हो सके।

स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा असर

अटैचमेंट खत्म होने से उन स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में कर्मचारियों की उपलब्धता बढ़ सकती है, जहां लंबे समय से पदस्थापना के अनुसार स्टाफ नहीं मिल पा रहा था। वहीं, जिन संस्थानों से कर्मचारी अटैच होकर दूसरे स्थानों पर काम कर रहे थे, वहां कामकाज की व्यवस्था में बदलाव हो सकता है।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उज्जैन संभाग में अटैचमेंट खत्म किए गए कर्मचारियों की वास्तविक संख्या और भोपाल-इंदौर सहित अन्य संभागों के आंकड़े नहीं दिए गए हैं। इन आंकड़ों के सामने आने के बाद प्रदेश में हुई कार्रवाई की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।