उज्जैन में तड़के 3 बजे खुले महाकाल मंदिर के कपाट: भस्म आरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, रजत चंद्र-त्रिशूल और ड्रायफ्रूट से हुआ शृंगार
उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में सावन के चौथे और आखिरी सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भगवान महाकाल के दर्शन के लिए देर रात से ही भक्तों की कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। सोमवार तड़के करीब 3 बजे मंदिर के कपाट खोले गए, जिसके बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना और भस्म आरती की शुरुआत हुई।
भस्म आरती में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। बाबा महाकाल का विशेष शृंगार किया गया। भगवान को रजत चंद्र और त्रिशूल, त्रिपुण्ड, चंदन और ड्रायफ्रूट से सजाया गया। विशेष शृंगार के बाद भस्म अर्पित कर आरती की गई। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर बाबा महाकाल के जयकारों से गूंज उठा।
रात से ही दर्शन के लिए कतारें
सावन के अंतिम सोमवार को बाबा महाकाल के दर्शन का विशेष महत्व माना जाता है। इसी वजह से उज्जैन के अलावा आसपास के जिलों और दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भक्तों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए।
श्रद्धालु रात से ही दर्शन के लिए कतार में खड़े नजर आए। मंदिर प्रशासन की ओर से भीड़ को व्यवस्थित तरीके से प्रवेश कराने के लिए बैरिकेडिंग और अन्य व्यवस्थाएं की गईं।
विशेष शृंगार ने मोहा भक्तों का मन
भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल का विशेष शृंगार आकर्षण का केंद्र रहा। बाबा महाकाल को रजत चंद्र और त्रिशूल धारण कराया गया। इसके साथ त्रिपुण्ड और चंदन से शृंगार किया गया। ड्रायफ्रूट से भी भगवान का विशेष अलंकरण किया गया।
भस्म आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया। भक्तों ने हर-हर महादेव और जय श्री महाकाल के जयकारे लगाए।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई। पुलिस और प्रशासन के जवानों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया। भीड़ नियंत्रण के साथ यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
मंदिर परिसर में प्रवेश और निकासी के लिए निर्धारित मार्गों का उपयोग कराया गया, ताकि श्रद्धालुओं को ज्यादा परेशानी न हो।
सावन के आखिरी सोमवार पर उमड़ा आस्था का सैलाब
सावन के चौथे और आखिरी सोमवार को महाकाल नगरी में सुबह से ही भक्तिमय माहौल बना रहा। भस्म आरती के बाद भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचते रहे।
भगवान महाकाल के विशेष शृंगार और भस्म आरती के दर्शन को श्रद्धालुओं ने सौभाग्य माना। मंदिर परिसर में हर तरफ हर-हर महादेव के जयकारे सुनाई देते रहे। सावन के अंतिम सोमवार पर उज्जैन में आस्था और भक्ति का ऐसा ही अद्भुत नजारा देखने को मिला।