मध्यप्रदेश कैडर के दो वरिष्ठ IFS अधिकारियों की होगी वापसी, देहरादून और दिल्ली में प्रतिनियुक्ति पर हैं तैनात
मध्यप्रदेश के वन विभाग में जल्द ही प्रशासनिक स्तर पर बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रतिनियुक्ति पर देहरादून और दिल्ली में पदस्थ मध्यप्रदेश कैडर के दो वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारियों की जल्द ही अपने मूल कैडर में वापसी होने जा रही है। दोनों अधिकारी फिलहाल मध्यप्रदेश से बाहर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अब उनकी वापसी की प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश कैडर के ये दोनों वरिष्ठ अधिकारी अलग-अलग स्थानों पर प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ हैं। इनमें एक अधिकारी देहरादून में और दूसरे अधिकारी दिल्ली में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। प्रतिनियुक्ति की अवधि पूरी होने या संबंधित प्रक्रिया के तहत अब दोनों अधिकारियों की मध्यप्रदेश वापसी होने वाली है।
प्रतिनियुक्ति पर दूसरे स्थानों पर दे रहे सेवाएं
भारतीय वन सेवा के अधिकारियों को प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुसार केंद्र सरकार या दूसरे राज्यों में प्रतिनियुक्ति पर भेजा जाता है। इस दौरान अधिकारी अपने मूल कैडर से बाहर रहकर संबंधित विभागों और संस्थानों में जिम्मेदारी निभाते हैं। प्रतिनियुक्ति की अवधि पूरी होने के बाद उन्हें अपने मूल कैडर में लौटना होता है।
मध्यप्रदेश कैडर के दोनों वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी भी इसी व्यवस्था के तहत फिलहाल राज्य से बाहर पदस्थ हैं। एक अधिकारी देहरादून में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जबकि दूसरे अधिकारी दिल्ली में कार्यरत हैं।
वन विभाग में नई जिम्मेदारियों को लेकर चर्चा
दोनों अधिकारियों की वापसी के बाद मध्यप्रदेश वन विभाग में उनकी नई पदस्थापना को लेकर भी चर्चा शुरू हो सकती है। राज्य में वन संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन, बाघों की सुरक्षा और राष्ट्रीय उद्यानों के संचालन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी वन विभाग के पास है। ऐसे में वरिष्ठ आईएफएस अधिकारियों की वापसी प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मध्यप्रदेश देश के प्रमुख वन संपदा वाले राज्यों में शामिल है। यहां वन क्षेत्रों के संरक्षण के साथ वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन बनाए रखना विभाग की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है।
नई पोस्टिंग पर रहेगी नजर
दोनों अधिकारियों के अपने मूल कैडर में लौटने के बाद राज्य सरकार प्रशासनिक जरूरतों के हिसाब से उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंप सकती है। हालांकि, उनकी वापसी की निश्चित तारीख, अधिकारियों के नाम और मध्यप्रदेश में नई पदस्थापना को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों वरिष्ठ अधिकारियों को राज्य में कौन-सी जिम्मेदारी दी जाएगी। फिलहाल उनकी वापसी को लेकर वन विभाग और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा बनी हुई है।