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छत्तीसगढ़ से अनूपपुर पहुंचे दो हाथी, गांवों में अलर्ट; 5 किसानों की फसलें चौपट, वन विभाग कर रहा निगरानी

 

मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में छत्तीसगढ़ से पहुंचे दो हाथियों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने आसपास के गांवों में अलर्ट जारी किया है। बताया जा रहा है कि हाथियों के झुंड ने किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, दो हाथी छत्तीसगढ़ के जंगलों से होते हुए अनूपपुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में पहुंचे हैं। हाथियों ने गांवों के आसपास घूमते हुए खेतों में प्रवेश कर लिया और वहां खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाया। अब तक करीब 5 किसानों की फसलें चौपट होने की जानकारी सामने आई है।

हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है। विभाग के कर्मचारी ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं और हाथियों के करीब जाने से मना कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर वापस भेजने के प्रयास किए जा रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, रात के समय हाथियों की आवाजाही अधिक देखी जा रही है। खेतों में पहुंचकर हाथी धान और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। अचानक हाथियों के गांव के करीब पहुंचने से लोगों में भय बना हुआ है।

वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से अपील की है कि वे अकेले जंगल या खेतों की ओर न जाएं। हाथियों को देखने के लिए भीड़ न लगाएं, क्योंकि इससे हाथी आक्रामक हो सकते हैं और जान-माल का खतरा बढ़ सकता है।

अधिकारियों ने बताया कि हाथियों की लोकेशन लगातार ट्रैक की जा रही है। वन विभाग की टीम हाथियों के मूवमेंट पर नजर बनाए हुए है और ग्रामीणों को समय-समय पर जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा फसल नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है, ताकि नियमानुसार प्रभावित किसानों को सहायता मिल सके।

अनूपपुर जिले में पहले भी कई बार जंगली हाथियों की आवाजाही देखने को मिली है। जंगलों में भोजन और पानी की तलाश में हाथी अक्सर सीमावर्ती क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं। ऐसे में वन विभाग को लगातार निगरानी करनी पड़ती है।

फिलहाल दोनों हाथी किस क्षेत्र में मौजूद हैं, इसकी जानकारी वन विभाग द्वारा जुटाई जा रही है। प्रशासन और वन विभाग की टीमें स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। ग्रामीणों को सावधानी बरतने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचना देने की अपील की गई है।